डलहौज़ी हलचल(शिमला):- हिमाचल के सरकारी स्कूलों में तैनात 14 हजार अस्थायी शिक्षकों के मामले पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने पीटीए की आईए (इंटरिम लोकेटरी एप्लीकेशन) को स्वीकार कर लिया है। अब पीटीए भी इस मामले में पार्टी बन कर अपना पक्ष रख सकेगा।

मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश मोहन एम शांतना गदौर, अनिरूद्धा बोध की बैंच में यह मामला लगा। राज्य सरकार की ओर से सरकार की ओर से परमजीत सिंह पटवालिया वरिष्ठ अधिवक्ता पेश हुए। पीटीए की ओर आरएन सुंदरम और पैरा शिक्षकों की ओर से जगदीश चंद्र गुप्ता कोर्ट में पेश हुए।

इस बारे जानकारी देते हुए पीटीए के प्रदेशाध्यक्ष बोबिल ठाकुर ने बताया कि अब केस में हमारा पूरा पक्ष सुना जायेगा। उन्होंने बताया की आज सरकारी एडवोकेट परमजीत सिंह पटवालिया दूसरे कोर्ट में ब्यस्त होने की वजह से अपीयर नहीं हो पाए।  इसलिए उनकी ओर से समय माँगा गया और कोर्ट ने उनकी मांग को स्वीकार करते हुए 2 सफ्ताह बाद सुनवाई के आदेश पारित किये।  उन्होंने कहा कि अब हम अपना पक्ष मजबूती के साथ रखेंगे और अब हमारी जीत निश्चित है ।

उल्लेखनीय है कि पीटीए, पैट, पैरा और ग्रामीण विद्या उपासक पिछले छह सालों से नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। फरवरी 2017 के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को लीव ग्रांट में डालते हुए स्टेटस को लगा रखा है। कोर्ट ने आदेश दिए थे कि भविष्य में किसी भी तरह की भर्ती कमीशन के माध्यम से करने को कहा था, ताकि सभी को आवेदन करने का बराबर मौका मिल सके।