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मंडी

कोरोनाकाल में विकास की नई इबारत लिख रहा लोक निर्माण विभाग

4 July 2020 5:12 AM GMT
कोरोनाकाल में विकास की नई इबारत लिख रहा लोक निर्माण विभाग
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मंडी जिला में लोक निर्माण विभाग कोरोनाकाल में भी विकास की नई इबारत लिख रहा है। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के निर्देशानुरूप विभाग यह तय बनाने में जुटा है कि कोरोना के संकटपूर्ण समय में भी विकास कार्यों की गति मंद ने पड़े । कार्य समय पर पूरे हों ताकि लोगों को समय पर उनका फायदा मिल सके। मुख्यमंत्री के दिशा निर्देशों के मुताबिक उन कामों को प्राथमिकता दी जा रही है जिनमें अधिक मजदूरों को काम मिले।
लोक निर्माण विभाग मंडी के अधीक्षण अभियंता विजय चौधरी बताते हैं कि वर्तमान में जिला में करीब 850 करोड़ रुपए की विभिन्न परियोजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं। अनलॉक फेज में इनमें से अधिकतर काम फिर शुरू कर दिए गए हैं। वहीं सरकार ने जिला के लिए 1202 करोड़ रुपए की नई परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। ये कार्य भी जल्द ही शुरू किए जाएंगे। इनसे जिला में विकास की नई इबारत तो लिखी ही जाएगी, बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोंगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।


पौने तीन सौ से अधिक परियोजनाओं के काम आरंभ, 2600 से अधिक मजदूरों को काम


विजय चौधरी का कहना है कि विभाग ने जिला में बड़े पैमाने पर सड़कों-पुलों-भवनों के कामों को रफ्तार दी है। लॉकडाउन में रियायत मिलने के बाद 20 अप्रैल से अब तक पौने तीन सौ से अधिक परियोजनाओं के काम आरंभ किए जा चुके हैं। इनमें करीब 200 सड़क परियोजनाओं के अलावा 50 से अधिक भवनों व करीब 15 पुलों के काम शामिल हैं। इन परियोजनाओं के शुरू होने से 2600 से अधिक मजदूरों को काम मिला है।
साथ ही कोरोना से बचाव को लेकर सरकार की ओर से जारी निर्देशों का, सोशल डिस्टेंसिंग व अन्य सुरक्षा उपायों का पूरा पालन सुनिश्चित किया गया है।


मजदूरों के खिले चेहरे...जताया मुख्यमंत्री का आभार


वहीं, विकास कार्यों के रफ्तार पकड़ने से स्थानीय मजदूरों के अलावा हजारों प्रवासी मजदूरों के चेहरे भी खिल उठे हैं। जिला के साथ ही दूसरे राज्यों के मजदूर भी विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के निर्देशों से बेहद खुश हैं। उन्होंने इस संकट की घड़ी में उनकी समस्याओं को समझने और दूर करने के लिए मुख्यमंत्री का एकस्वर में आभार जताया है।


हमारे घरों में रौनक फिर लौट आई है


ऐसे हजारों लाभान्वित मजदूरों में बिहार के भावेश कुमार भी शामिल हैं। भावेश को मंडी-गोखड़ा-बटाहर सड़क के विस्तारीकरण परियोजना में काम मिला है। वे बताते हैं कि लॉकडाउन में कामकाज बंद होने से वे बड़ी चिंता में थे। हालांकि सरकार के मुफ्त राशन वितरण से खाने-पीने की कोई दिक्कत नहीं थी, लेकिन दिहाड़ी नहीं लगने से घर परिवार के लिए चार पैसे इकट््ठे करने की चिंता थी। अब उनके जैसे हजारों मजदूरों की चिंता खत्म हो गई है।
वहीं, कोटली अस्पताल भवन के निर्माण काम में लगे झारखंड के बैरंगू राम, सती देवी और धनेशवरी ने अभी गृह राज्य लौटने का इरादा बदल दिया है। उनका कहना है कि यहां काम शुरू होने से उनकी दिहाड़ी की चिंता खत्म हो गई है। वे यहीं रह के काम करेंगें ताकि घर परिवार को पैसे भेजने कर उनकी जरूरतों का ख्याल रख सकें।
सदर उपमंडल के कोटली सैण गांव के ध्यान सिंह भी सरकार के फैसले से बहुत खुश हैं। वे आजकल लिंक रोड़ भरगांव से टील्या अल्ग के काम में जेसीबी मशीन चला रहे हैं।

बकौल ध्यान सिंह ‘कोरोना से जो मायूसी गरीबों-मजदूरों के जीवन में छाई थी, मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के प्रयासों से वह अब छंट गई है...हमारे घरों में रौनक फिर लौट आई है।’

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