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चाइल्ड लाइन चंबा ने गोलूईं में "आउटरीच कार्यक्रम" का किया आयोजन

13 July 2020 6:23 AM GMT
चाइल्ड लाइन चंबा ने गोलूईं में आउटरीच कार्यक्रम का किया आयोजन
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चाइल्ड लाइन चंबा द्वारा उप तहसील धरबाला की ग्राम पंचायत किलोड़ के गाँव गोलूईं में "आउटरीच कार्यक्रम" के आयोजन किए गए। कार्यक्रम के दौरान चाइल्ड लाइन टीम काउंसलर नीता देवी व टीम मेंबर रीता कुमारी द्वारा गांव वासियों को चाइल्ड लाइन के टोल फ्री नंबर 1098 की विस्तृत जानकारी दी।टीम द्वारा मुफ्त फोन सेवा 1098 के माध्यम से अनाथ अर्ध-अनाथ, स्कूल छोड़ चुके, घर से भागे हुए, मानसिक और शारीरिक शारीरिक रूप से अक्षम, शोषित, अति निर्धन, बाल विवाह से ग्रसित, बाल-मजदूरी से ग्रसित, छेड़छाड़ से पीड़ित व अन्य किसी भी कारण से शोषित बच्चों हेतु चाइल्ड लाइन के माध्यम से दी जाने वाली सेवाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

लोगों को बताया गया कि यदि किसी के द्वारा नाबालिक बच्चों को बहलाया-फुसलाया जाता है तो इसे किसी भी रूप में नजर अंदाज ना किया जाए. इसके साथ-साथ हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान सुरक्षित स्पर्श असुरक्षित स्पर्श के बारे में भी गम्भीरता से चर्चा की गई. इसके साथ-साथ गांव वासियों को कोविड-19 की गंभीरता के संबंध में जागरूक किया गया. उन्हें इस संबंध में सरकारी दिशा निर्देशों का पालन करने वह इस संबंध में अपनी सामाजिक भागीदारी हेतु आवाहन किया गया. इस दौरान लगभग 120 लोगों को मास्क वितरित किए गए व सामाजिक दूरी का पालन करने हेतू भी विस्तृत चर्चा की गई. लोगों को बताया गया कि चंबा के बाहर से के बाहर से आ रहे लोग जिन्हें प्रशासन द्वारा होम क्वॉरेंटाइन किया गया है या उन्हें संस्थानगत क्वॉरेंटाइन किया गया है ऐसे लोगों पर विशेष ध्यान रखा जाए और यदि ऐसे लोग नियमों का उल्लंघन करते हैं तो उसकी सूचना भी चाइल्ड लाइन के टोल फ्री नंबर 1098 पर दी जा सकती है ताकि इस संबंध में प्रशासन को अवगत करवाया जा सके और आदेशों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही की जा सके।

चाइल्ड लाइन में सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाता है। इसके साथ-साथ लोगों से यह भी आवाहन किया गया कि यदि इस दौरान कोई अति निर्धन परिवार हो तथा जिसे कहीं मजदूरी ना मिल रही हो या उसके परिवार हेतु खाने-पीने की समुचित व्यवस्था ना हो तो इसकी सूचना भी चाइल्ड लाइन के टोल फ्री नंबर 1098 पर दी जा सकती है ताकि छानबीन के बाद ऐसे परिवारों की मदद की जा सके. इस दौरान लगभग 130 ग्रामीण मौजूद रहे।

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