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चुराह घाटी को बागवानी हब के तौर पर किया जाएगा विकसित

25 July 2020 5:03 AM GMT
चुराह घाटी को बागवानी हब के तौर पर किया जाएगा विकसित
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चुराह घाटी को बागवानी हब के तौर पर विकसित किया जाएगा ताकि लोगों की आर्थिकी और ज्यादा सुदृढ़ हो सके। विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज ने ये बात आज खंड विकास अधिकारी कार्यालय तीसा के सभागार में विभागीय योजनाओं के कार्यान्वयन की प्रगति को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।उन्होंने कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में अब पारंपरिक बागवानी से हटके नवीन तकनीक और सोच पर आधारित बागवानी को अपनाने की नितांत आवश्यकता है। विधानसभा उपाध्यक्ष ने इस कार्य योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए एक कमेटी गठित करने के भी निर्देश दिए। कमेटी में क्षेत्र के प्रगतिशील बागवान भी शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि इसी वर्ष हर पंचायत से 5-5 व्यक्तियों को बागवानी के साथ जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

लोक निर्माण विभाग की समीक्षा करते हुए विधानसभा उपाध्यक्ष ने बताया कि समूचे चुराह विधानसभा क्षेत्र को सड़क नेटवर्क से जोड़ने को लेकर कई परियोजनाएं प्रगति पर हैं और नई डीपीआर तैयार करने का काम भी चल रहा है। इनमें 17 सड़कों का निर्माण कार्य प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत चल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सड़कों की अपग्रेडेशन और टारिंग के कार्य में गुणवत्ता को सुनिश्चित बनाया जाए। उन्होंने चुराह उपमंडल मुख्यालय के कॉलोनी मोड़ में नए डिजाइन की वर्षा शालिका तैयार करने के अलावा कॉलोनी मोड़ से भंजराड़ू तक की सड़क की अपग्रेडेशन और सौंदर्यीकरण को लेकर भी निर्देश जारी किए। विधानसभा उपाध्यक्ष ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत 19922 घरों को पेयजल की सुविधा मुहैया की जाएगी। जल जीवन मिशन में रखे गए इस लक्ष्य को अगस्त 2022 तक पूरा किया जाएगा। मनरेगा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष मनरेगा की विभिन्न योजनाओं पर 28 करोड़ की राशि खर्च हुई है। कृषि, बागवानी और अन्य विभागों के कार्यों में भी मनरेगा कन्वर्जेंस की जाए।

उन्होंने यह भी बताया कि कियानी में एक भव्य स्वागत द्वार का निर्माण किया जाएगा जिसके साथ स्वागत कक्ष व सूचना केंद्र की व्यवस्था भी की जाएगी ताकि चुराह और सलूणी घाटी की तरफ जाने वाले सैलानियों को इस सूचना केंद्र के माध्यम से पर्यटन से जुड़ी उपयोगी जानकारी भी मिल सके। उन्होंने बताया कि इसके निर्माण के लिए धनराशि उपलब्ध है और आवश्यक हुआ तो अतिरिक्त बजट भी मुहैया किया जाएगा।

कॉविड-19 की समीक्षा करने के बाद विधानसभा उपाध्यक्ष ने कहा कि तीसा क्षेत्र में अब कोरोना का एक भी एक्टिव मामला नहीं है। अब तक कुल 915 सैंपल लिए जा चुके हैं जबकि केवल 7 ही व्यक्ति संस्थागत क्वॉरेंटाइन में हैं। उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का सही समय पर लिया गया सही निर्णय ही है जिसकी वजह से हिमाचल प्रदेश अन्य राज्यों की तुलना में कोरोना को लेकर बेहतर स्थिति है।

सामाजिक और आर्थिक विकास में महिलाओं की अहम भागीदारी की बात करते हुए विधानसभा उपाध्यक्ष ने बताया कि कृषि, बागवानी, शिक्षा, लोक संस्कृति और सामाजिक जागृति को लेकर बेहतरीन कार्य करने वाले महिला मंडलों को नकद पुरस्कार से नवाजा जाएगा। 22 महिला मंडलों को प्रोत्साहन राशि भी दी गई है ताकि वे और सक्रिय होकर कार्य कर सकें।

विधानसभा उपाध्यक्ष ने अध्यापकों का आह्वान करते हुए कहा कि वे ऑनलाइन शिक्षा देने के अलावा भी कोई ऐसा तरीका अपनाएं जिससे कॉविड-19 की एहतियात को अपनाते हुए भी विशेषकर इंटरनेट सुविधा उपलब्ध ना होने वाले गांव के बच्चों को शिक्षा दी जा सके। विधानसभा उपाध्यक्ष ने इससे पूर्व लोक निर्माण विभाग तीसा मंडल के नए कार्यालय भवन की आधारशिला भी रखी। 2 करोड़ 84 लाख रुपए की राशि से निर्मित होने वाला यह भवन 2 साल में पूरा होगा। इस मौके पर तहसीलदार प्रकाश चंद, खंड विकास अधिकारी मोहिंद्र राज, पंचायत समिति अध्यक्ष देवकी देवी, पंचायत समिति उपाध्यक्ष बोधराज, भाजपा जिला उपाध्यक्ष मान सिंह ठाकुर, जिला महामंत्री वीरेंद्र ठाकुर, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण दीपक महाजन, अधिशासी अभियंता जल शक्ति हरि प्रकाश भारद्वाज, उपमंडलीय आयुर्वेद अधिकारी डॉ केशव वर्मा के अलावा तेज सिंह वर्मा, अमन राठौर व अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।

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