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मंडी

न अंतिम संस्कार, न गंगा में अस्थियां विसर्जित करना हुआ नसीब, अपने आप को असहाय महसूस कर रहा पिता

8 May 2020 7:44 PM GMT
न अंतिम संस्कार, न गंगा में अस्थियां विसर्जित करना हुआ नसीब, अपने आप को असहाय महसूस कर रहा पिता
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मंडी जिले के सरकाघाट उपमंडल की देव ब्राड़ता पंचायत के युवक की कोरोना बीमारी से मौत के बाद युवक का पिता अपने आप को असहाय महसूस कर रहा है और उसकी पत्नी के भी आईजीएमसी शिमला में उपचाराधीन होने के कारण मातम की इस घड़ी में वह अपनी माता, बेटे, बड़ी भाभी व दो भतीजों के साथ दिन गुजार रहा है। गांव में व्यक्ति की मौत होने पर ग्रामीण व सगे सबंधी शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाने के लिए रोजाना पहुंचते हैं लेकिन कोरोना बीमारी की वजह से अब वहां कोई नहीं पहुंच रहा है। संकट के इस समय न तो कोई गांव वाले और न ही रिश्तेदार आने का साहस जुटा रहे हैं। अपने घर में नौजवान बेटे की असमय मौत के बाद पिता को अपने नौजवान बेटे का अंतिम संस्कार कर सका और न ही उसकी अस्थियां उसे गंगा में प्रवाहित करना नसीब हुआ है।

अपना दुखड़ा सुनाते हुए उसने बताया कि अगर उसे इस अनहोनी का आभास पहले हुआ होता तो वह अपने बेटे को दिल्ली ही लेकर नही जाता। लेकिन अब उसके पास रोने धोने के सिवाय कुछ भी नहीं है। उसकी पत्नी भी संकट की इस घड़ी में साथ नहीं है और वह शिमला में कोरोना संक्रमण की चपेट में आ कर जिंदगी और मौत से जंग लड़ रही है।

बता दें कि एक अप्रैल को सरकाघाट का युवक दिल्ली में किडनी का इलाज करवाकर घर लौटा था। होम क्वारंटीन के दौरान इसे बुखार, उल्टियां और सांस लेने में तकलीफ हुई। परिजन उसे सरकाघाट अस्पताल ले आए। जहां से उसके एहतियातन सैंपल लेने के बाद उसे सोमवार को कोविड 19 अस्पताल नेरचौक रेफर किया। यहां से उसे डायलसिस के लिए आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया। युवक को देर रात करीब तीन बजे आईजीएमसी शिमला पहुंचाया। यहां मंगलवार शाम उसकी मौत हो गई। मंगलवार दोपहर सरकाघाट से उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

इधर, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मृतक युवक के साथ नोएडा से पहुंचे साथ लगते पाटी गांव के चार लोगों के सैंपल देर रात लिए है। परिवार के चार सदस्यों में एक महिला भी शामिल है।

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