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कुल्लू

प्रधानमंत्री के आदेश के बाद भी नहीं भरे जा रहे हैं कला अध्यापकों के पद

7 Jun 2020 11:34 PM GMT
प्रधानमंत्री के आदेश के बाद भी नहीं भरे जा रहे हैं कला अध्यापकों के पद
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सरकार ने बाहर से आए बेरोजगारों को नौकरी दिलाने का भरोसा जताया है। हम इसका स्वागत करते हैं फैसला बहुत अच्छा है लेकिन सरकार कला अध्यापकों के बारे में भी थोड़ा सोच ले। जो बेरोजगार कला अध्यापक 15-20 वर्षों से नौकरी का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें और कितना इंतजार करना होगा? क्या बेरोजगार कला अध्यापक इस देश के नागरिक नहीं है? क्या उन बेरोजगार कला अध्यापकों के पास बाल बच्चे व परिवार नहीं है? वे इतने सालों से किस तरह अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे होंगे, कभी सोचा है सरकार ने, सभी बेरोजगार गरीब समुदाय से संबंध रखते हैं। बेरोजगार भाईयों ने कर्ज लेकर अपनी ट्रेनिंग पूरी की है। यह ट्रेनिंग भी सरकार ने ही करवाई थी। फिर भी सरकार बेरोजगार कला अध्यापकों से सौतेला व्यवहार कर रही है।

संघ का कहना है कि हिमाचल सरकार को कई बार कला अध्यापक की 1574 रिक्त पदों को भरने के लिए मांग कर दिए गए। कई बार सरकार ने आश्वासन भी दिए, इसके बावजूद भी सरकार ने अब तक कला अध्यापक के पद नहीं भरे। संघ का कहना है कि 2005 में सरकार ने एस सी वी टी के माध्यम से कला अध्यापक टीचरों की ट्रेनिंग करवाई। ताकि हिमाचल के युवाओं को जालंधर, महाराष्ट्र न जाना पड़े। लेकिन 15 वर्ष बीत जाने के बाद भी आज युवा बेरोजगार घूम रहे हैं। संघ ने सरकार से मांग की है कि अगली कैबिनेट में कला अध्यापक के 1576 रिक्त पड़े पदों का मामला लाया जाए और कला विषय को पहली से लेकर 10वीं तक अनिवार्य किया जाए। हिमाचल प्रदेश सरकार ने शिक्षा विभाग में 7200 सभी कैटेगरी में पद भरे हैं, जिसका बेरोजगार कला अध्यापक संघ स्वागत करता है, लेकिन बेरोजगार कला अध्यापकों की ओर हिमाचल सरकार का कोई भी ध्यान नहीं है।

संघ ने जब प्रदेश के प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर अपनी समस्या के बारे में बताया। जिसका देश के प्रधानमंत्री द्वारा तुरंत एक्शन लिया गया। प्रधानमंत्री कार्यालय से हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव को इस कार्य को करने के निर्देश दिए गए। उसके तुरंत बाद मुख्य सचिव ने शिक्षा विभाग के सचिव को इस कार्य को करने के लिए कहा।

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