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नाहन

प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के स्वयंभू राज्य प्रधान विरेंद्र चौहान की बात का किया खंडन

25 Jun 2020 2:34 AM GMT
प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के स्वयंभू राज्य प्रधान विरेंद्र चौहान की बात का किया खंडन
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हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ जिला सिरमौर के ज़िला प्रधान हरदेव ठाकुर , उनकी ज़िला कार्यकारिणी व राज्य उप प्रधान सतीश पुंडीर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के स्वयंभू राज्य प्रधान विरेंद्र चौहान की उस बात का खंडन किया है जिसमें उसने विभाग के मुखिया शिक्षा निदेशक उच्च पर खरीद फ्रोकत मामले में आरोप लगाए हैं जिला सिरमौर इकाई इसकी कड़ी निंदा करती है और अपने आप को प्रधान कहने वाले विरेंद्र चौहान का विरोध करती है इस प्रधान ने हमेशा ही विभाग के आला अधिकारियों से लड़ने की ही बात की है एक शिक्षक का ऐसा अड़ियल रवैया सभी अध्यापकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है पीछे 2016-19 की बात करें तो विभाग में ही अधीक्षक के पद पर तैनात एक महिला कर्मचारी के साथ लड़ना उसके बाद माफी मांग कर और जुर्माना भर कर मामले को निपटाना उसके बाद निदेशक उच्च डॉक्टर अमरजीत का ऑडियो वायरल करना जिसके तहत इसको शो कॉज नोटिस निकलना और दोबारा खरीद-फरोख्त के मामले में निदेशक महोदय को आरोपित करना एक मामला सितंबर 2019 में एक महिला से छेड़छाड़ करना और पुलिस चौकी में जुर्माना भर कर केस को निपटाना तथा सरकार की नीतियों का विरोध करना इसकी आदत सी बन गई है हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ सिरमौर इकाई इसका विरोध करती है खुद पैसे का गबन करना और दूसरों को भी वैसा ही सोचना यह ऐसे व्यक्ति की मानसिकता को दर्शाता है सिरमौर इकाई सरकार व विभाग से मांग करता है कि इस प्रधान के पिछले 6 वर्ष के कार्यकाल में पैसे के लेखे जोखे का ऑडिट करवाया जाए और जहां पर कोताही पाई जाती है तो इसके विरुद्ध कार्यवाही अमल में लाई जाए

सिरमौर इकाई एक बात बता देना चाहती है कि 2019 में जिला मंडी के प्रधान अश्विनी गुलेरिया जी के पिताजी का देहांत हुआ यह स्वयंभू नेता उनके घर शोक प्रकट करने गए लेकिन जब 3 वर्ष बाद के पैसे का लेखा-जोखा पढ़ा गया तो उसमें भी ₹2500 खर्चा यूनियन को डाल दिया गया और भी बहुत से 6 साल में पैसे का दुरुपयोग किया जाना जहां तक पैसे की बात है यूनियन के नाम से जो कि एक ज्वाइंट अकाउंट होता है लेकिन अनुबंध अध्यापकों के केस करवाने के लिए इसने अपने ही नाम से एक अलग अकाउंट भट्ठा कुफर में खोल दिया और उसमें पैसे मंगवाए उस पैसे की भी तहकीकात की जाए संघ उसकी जांच की भी मांग करता है और भी बहुत से संघ के पैसे के गबन के आरोप हैं पैसे की आड़ में ही प्रधान बने रहना इसकी आदत बन गई है

अभी भी इसके पास चंद अध्यापक साथियों का साथ होना और अपने को सुर्खियां बटोरने के लिए अधिकारियों के विरुद्ध अनाप-शनाप बयानबाजी करना सिरमौर इकाई इसका विरोध करती है हाल ही के चुनाव शिमला में करवाना और जिसमें जिला शिमला, लाहौल स्पीति, किन्नौर,उना,कुल्लू केवल 5 जिलों के चंद अध्यापकों के साथ चुनाव करा देना और 26000 जो हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के सदस्य थे उनका चुनाव में शामिल ना होना अपने आपको फिर भी प्रधान बताना और सुर्खियों में रहना तो यह सब बातों को मध्य नजर रखते हुए सिरमौर इकाई शिक्षा निदेशक डॉ अमरजीत शर्मा के पाक साफ़ होने का समर्थन करती है और इस प्रेस नोट के माध्यम से वीरेंद्र चौहान के उस बयान की कड़ी निंदा करती है जिसके तहत उन्होंने निदेशक के ऊपर आरोप लगाए हैं जबकि यह मामला निदेशालय का था उसको मुखिया ने देखना होता है जो कि निदेशक महोदय ने देखना था लेकिन बीच में सुर्खियां बटोरने के लिए विरेंद्र चौहान अपने आप को यह साबित करना चाहते हैं कि वह प्रधान हैं तो इसकी कड़ी निंदा करती है।

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