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कुल्लू

बाहर फंसे हिमाचलियों को जयराम सरकार ने दिया सहारा: गोविंद सिंह

27 May 2020 2:14 AM GMT
बाहर फंसे हिमाचलियों को जयराम सरकार ने दिया सहारा: गोविंद सिंह
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यहां ठहरे लोगों में कोई भारत के सुदूर दक्षिण में स्थित केरल से आया है तो कोई बेंगलुरू, गोवा या मुंबई से। इसी प्रकार महाराष्ट्र, गुजरात और कई अन्य राज्यों से आने वाले लोगों की भी अच्छी-खासी तादाद है यहां। जी हां, हम यहां चर्चा कर रहे हैं कुल्लू जिला के विभिन्न क्वारंटीन सेंटरों की। प्रदेश सरकार के विशेष प्रयासों से हाल ही में बाहरी राज्यों से लाए गए लोगों को इन्हीं क्वारंटीन सेंटरों में ठहराया गया है।

दरअसल, अपनी जन्मभूमि से सैकड़ों किलोमीटर दूर भारत के विभिन्न राज्यों में रहने वाले हिमाचलवासियों के समक्ष भी कोरोनाकाल में एक बड़ा संकट खड़ा हो गया था। हजारों की तादाद में फंसे इन लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इन लोगों के दर्द को समझते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने त्वरित कदम उठाए। प्रदेश सरकार ने बाहरी राज्यों में फंसे हिमाचली लोगोें को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए एक बड़ी पहल करते हुए हर राज्य के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की। आईएएस स्तर के इन नोडल अधिकारियों के मोबाइल नंबर और अन्य हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए। इसके अलावा आॅनलाइन पास की सुविधा भी आरंभ की गई। बाहरी राज्यों में फंसे हिमाचल के लोगों के लिए यह एक बड़ी राहत थी।

प्रदेश सरकार ने इससे आगे बढ़ते हुए केरल, बेंगलूरू, गोवा, मुंबई, अहमदाबाद, दिल्ली और देश के अन्य राज्यों से ऊना और पठानकोट तक सीधी रेलगाड़ियांे की व्यवस्था करवाई। ऊना और पठानकोट के रेलवे स्टेशनों से एचआरटीसी की बसों के माध्यम से लोगों को सीधे संबंधित जिलों के क्वारंटीन सेंटरों तक पहुंचाया गया। कुल्लू जिला के क्वारंटीन सेंटरों में भी सैकड़ों लोग क्वारंटीन किए गए हैं। इन लोगों की हौसलाअफजाई तथा क्वारंटीन सेंटरों में सभी आवश्यक सुविधाओं की समीक्षा के लिए वन, परिवहन, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर स्वयं नियमित रूप से सेंटरों के दौरे कर रहे हैं। वन मंत्री के ये लगातार दौरे बाहरी राज्यों से आए लोगों के लिए संजीवनी साबित हो रहे हैं। उधर, गोविंद सिंह ठाकुर का कहना है कि बाहरी राज्यों में फंसे हजारों लोगों को वापस लाने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने एक सुनियोजित एवं पुख्ता व्यवस्था बनाई है। इन सभी लोगों को पूरी सावधानी तथा सुविधाजनक ढंग से वापस लाया गया है।

वन मंत्री ने कहा कि ये लोग प्रदेश सरकार के प्रयासों की प्रशंसा कर रहे हैं और लगातार मुख्यमंत्री का धन्यवाद कर रहे हैं। इनमें से कई लोगों ने पीएम केयर्स फंड और एचपी एसडीएमए कोविड-19 एसडीआर फंड में आर्थिक योगदान भी दिया है। गोविंद सिंह ने कहा कि गोवा से लौटे तथा बंदरोल स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में क्वारंटीन किए गए लोगों ने एचपी कोविड फंड में 51 हजार रुपये का अंशदान करके एक मिसाल कायम की है।

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