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चंबा

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी भटियात का चुवाड़ी मुख्यालय पर बढ़ती हुई इंधन की कीमतों व महंगाई के विरुद्ध जोरदार प्रदर्शन

4 July 2020 7:04 AM GMT
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी भटियात का  चुवाड़ी मुख्यालय पर बढ़ती हुई इंधन की कीमतों व  महंगाई के विरुद्ध जोरदार प्रदर्शन
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शनिवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी भटियात द्वारा चुवाडी मुख्यालय में पेट्रोल / डीजल के बढ़ते मूल्यों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया गया। जिसमें केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इसके बाद हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता कुलदीप सिंह पठानिया की अगुवाई में महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एस.डी.एम बच्चन सिंह को सौंपा गया।इस अवसर पर भटियात ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के प्रधान राम सिंह चंबियाल , मनोज महाजन, कृष्ण चंद चेला, विजय सिंह कंवर, रामकुमाार शर्मा, शेर सिंह, संजय कपूर ,अरुण मेहता, नरेश मेहरा, सूरज गुरंग,मनीष मल्होत्रा ,नरेंद्र बबलू , यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष संदीप जसरोटिया, सेवा दल के अध्यक्ष विनोद कुमार बोनी सहित सभी फ्रंटल ऑर्गेनाइजेशंस के पदाधिकारियों व कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विशेेष रूप से हिस्सा लिया।

कुलदीप सिंह पठानिया ने अपने संबोधन में कहा कि कोविड-19 के कहर के चलते फैक्ट्रियां- उद्योग धंधे बंद हो जाने के कारण पहले से ही बेरोजगारी की संख्या में करोड़ों की और वृद्धि दर्ज हो गई है । लोगों को खाने के लाले पड़े हुए हैं। ऐसे में पेट्रोलियम उत्पादों के दामों का बढ़ना, डीजल का पेट्रोल से महंगा हो जाना , सीधा-सीधा लाकडाउन प्रभावितों के जख्मों पर नमक छिड़कने के तुल्य है। ऐसा देश के इतिहास में पहली बार हुआ है कि डीजल की कीमतें पेट्रोल से भी अधिक हो गई हैं। पिछले कुछ दिनों में डीजल की कीमत कुल 10.48 रुपये प्रति लीटर बढ़ी है और पेट्रोल 8.50 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है। जबकि सूत्रों के अनुसार विश्व भर में कच्चे तेल की कीमतों में भारी कमी आई है । अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 40 डालर प्रति बैरल से भी कम बताई जा रही है। इसलिए इसका सीधा-सीधा कारण राजस्व शुल्क में 60 परसेंट तक असामान्य बढ़ोतरी है।

जबकि डॉ मनमोहन सिंह की यू.पी.ए कार्यकाल में यही कीमत बढ़कर 120 डालर तक पहुंच गई थी । तो भी भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम आज के मुकाबले कहीं कम थे। मई 2011 में पेट्रोल की कीमत 63.37 व डीजल की 37.75 रूपये थी। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में यह फासला 68 प्रतिशत का था। डीजल के दामों मेंं बढ़ोतरी का सीधा प्रभाव महंगाई पर पड़ता है क्योंकि सारी माल की ढुलाई रेलवे और भूतल परिवहन से होती है। जिसमेंं डीजल का प्रयोग होता है। निश दिन बढ़ती महंगाई से लोग पहलेे ही परेशान थे और अब जबकि डीजल के दाम पेट्रोल को भी मात दे गए हैं तो महंगाई और भी नए रिकॉर्ड बनाएगी।

देश इस समय गंभीर चुनौती से गुजर रहा है। और देश की आर्थिक स्थिति व अर्थव्यवस्था ठप होकर रह गई है। देश के विकास की दर थम सी गई है ।परंतु भाजपा सरकार राजनीति करने से बाज नहीं आ रही है। किसान और बागवानो के जीवन पर भी बुरा प्रभाव पड़ेगा। डीजल की मार जब माल वाहक गाड़ी पर पड़ेगी ,तो उसका सीधा असर आम आदमी की रसोई घर तक पडेगा। हर चीज में महंगाई बढ़ेगी और लोगों का जीना बहुत ही मुश्किल हो जाएगा।

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