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भरमौर उपमंडल में आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से पूरक पोषाहार वितरण समयबद्ध तरीके से किया जा रहा है सुनिश्चित

1 July 2020 5:53 AM GMT
भरमौर उपमंडल  में आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से पूरक पोषाहार वितरण समयबद्ध तरीके से किया जा रहा है सुनिश्चित
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जनजातीय क्षेत्र भरमौर उपमंडल की 29 ग्राम पंचायतों में 144 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से समेकित बाल विकास सेवाएं कार्यक्रम के तहत 6 माह से 6 वर्ष तक की आयु के बच्चों गर्भवती एवं धात्री माताओं तथा 11 से 14 वर्ष की पाठशाला छोड़ चुकी किशोरियों को पूरक पोषाहार उपलब्ध कराया जा रहा है । पूरक पोषाहार माताओं एवं बच्चों के लिए प्रतिदिन की वांछित आहार मात्रा वह वास्तव में जो उन्हें अपने सामान्य आहार से उपलब्ध हो पाता है, के बीच में रहने वाले अंतराल को पूर्ण करने के लिए दिया जाता है जिसका उद्देश्य बच्चों व महिलाओं के पोषाहार व स्वास्थ्य स्तर में सुधार करना है ।

इसके अतिरिक्त महिलाओं में अच्छे स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूकता पैदा की जा रही है, तथा उन्हें अपने बच्चों को पौष्टिक व संतुलित आहार देने के लिए सक्षम बनाया जा रहा है । बाल विकास परियोजना अधिकारी भरमौर" श्री सुभाष चंद्र ने बताया कि आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों को 8 रुपए प्रति बच्चा प्रतिदिन, 9.50 रुपए प्रति गर्भवती/ धात्री माता व 9. 50 रुपए प्रति 11 से 14 वर्ष की स्कूल ना जाने वाली किशोरियों को प्रतिदिन की दर से पूरक पोषण आहार उपलब्ध करवाया जा रहा है । अति अल्प वजन बच्चों के लिए पूरक पोषाहार 12 रुपए प्रतिदिन प्रति बच्चा की दर से प्रदान किया जा रहा है, इसके लिए आंगनवाड़ी क्षेत्र में आने वाले पात्र बच्चों, माताओं व 11 से 14 वर्ष की स्कूल ना जाने वाली किशोरियों का आंगनवाड़ी केंद्र में पंजीकरण भी करवाया जाता है।

• पूरक पोषाहार योजना में इस वित्तीय वर्ष के मई माह तक भरमौर उप मंडल के विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों में 6 महीने से 3 वर्ष के 1244 बच्चों, 3 से 6 वर्ष तक के 1109 तथा 262 गर्भवती महिलाओं और 266 धात्री महिलाओं सहित 11 से 14 वर्ष की 6 किशोरियों को पूरक पोषाहार उपलब्ध करवा कर लाभान्वित किया गया है ।

• बेटी है अनमोल योजना में वर्ष 2019 -20 में 10 लाख 13 हजार 500 रुपए की धनराशि व्यय कर 94 लाभार्थियों को इस योजना से लाभान्वित किया गया है, इस योजना में बीपीएल परिवार में पैदा होने वाली दो बेटियों के जन्म के उपरांत 12000 रुपए की राशि बेटी के नाम बैंक या डाकघर में सावधि जमा करवाए जाते हैं, पात्र बेटी की शिक्षा के दौरान पहली कक्षा से स्नातक तक 450 से 5000 रुपए तक की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है ।

• मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत गत वर्ष 17 लाख 68 हजार रुपए की धनराशि खर्च कर 42 लड़कियों को इस योजना से लाभान्वित किया गया । इस योजना में पात्र लड़कियों को 51 हजार की राशि अनुदान के तौर शादी पर दी जाती है ।

• विधवा पुनर्विवाह योजना के तहत 50000 की राशि एक विधवा की शादी के लिए अनुदान के रूप में गत वर्ष देकर लाभान्वित किया गया ।

• मदर टेरेसा असहाय मातृ संबल योजना का मुख्य उद्देश्य गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली निस्सहाय महिलाओं को अपने बच्चों के पालन पोषण पढ़ाई लिखाई हेतु आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है इस योजना के तहत गत वर्ष 9 लाख 5 6 हजार 500 रुपए व्यय करके 178 लाभार्थियों को इस योजना से लाभ प्रदान किया गया ।

• प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत भरमौर उपमंडल में चालू वित्त वर्ष में 2लाख 41 हजार की धनराशि व्यय करके 55 पात्र लाभार्थियों को इस योजना से पहुंचाया गया , वर्ष 2017 से आरंभ इस योजना के तहत अब तक 30 लाख 86 हजार की धनराशि व्यय की गई और 771 लाभार्थियों को लाभ पहुंचाया गया है ।

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