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शिमला

राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कृतसंकल्प

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22 April 2020 5:42 AM GMT
राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कृतसंकल्प
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मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां निदेशक ग्रामीण विकास विभाग ललित जैन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब परिवारों के लिए ‘आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज’ प्रदान करने बारे दी गई प्रस्तुति के अवसर पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान अथवा इसके उपरांत गांव में स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां सृजित करने में ग्रामीण विकास विभाग को अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा लगभग पांच लाख मास्क और लगभग 1000 व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण किट बनाकर कोरोना योद्धाओं की मदद करने में पहल की है। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त, मिशन के तहत 1250 लीटर हैंड सैनिटाइजर का भी उत्पादन किया गया है।

जय राम ठाकुर ने कहा कि कोरोना महामारी के उपरांत मिशन के तहत ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए अनेक गतिविधियां आरम्भ करने की विस्तृत कार्य योजना प्रस्तावित की गई है। उन्होंने कहा कि ऐसी ही एक योजना ‘महिला किसानश् के तहत किचन गार्डन विकसित करने के लिए महिलाओं को प्रशिक्षित कर लगभग एक बीघा जमीन के लिए कृषि और बागवानी विभागों द्वारा सब्जी बीज किट और फलों के पौधे उपलब्ध करवाए जाएंगे।उन्होंने बताया कि इसी तरह, प्रशिक्षित महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को 10 मधुमक्खी के बक्से प्रदान किए जाएंगे और इनके द्वारा तैयार किये जाने वाले शहद को ‘हिम इरा’ की दुकानों के माध्यम से बेचा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘एक गऊ योजना’ के अन्तर्गत भारतीय नस्ल की गायें स्वयं सहायता समूह से जुड़ी गरीब किसान महिलाओं को सब्सिडी पर प्रदान की जाएंगी। यह योजना पशुपालन विभाग के साथ मिलकर चलाई जाएगी।

जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार स्कूल वर्दी की आपूर्ति के लिए शिक्षा विभाग के साथ मिलकर इस कार्य को राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से करने पर भी विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि ये वर्दी महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार की जा सकती हैं, जिन्हें प्रशिक्षित टेलरिंग अध्यापिकाओं की सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत नई गतिविधियां आरम्भ करने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यूएनएनएटीआई प्रोजेक्ट के तहत ऐसे व्यक्तियों के परिवारों में से एक सदस्य, जिन्होंने मनरेगा के तहत 100 दिन का रोजगार पूरा कर लिया है, को उनके कौशल को बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। निदेशक ग्रामीण विकास ललित जैन ने प्रस्तुति के दौरान मुख्यमंत्री को प्रस्तावित योजनाओं की मुख्य विशेषताओं से अवगत करवाया।

जल शक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार, सचिव ग्रामीण विकास डाॅ. आर.एन. बत्ता, इंजीनियर-इन-चीफ जल शक्ति विभाग नवीन पुरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के इंजीनियर्ज भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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