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चंबा

रिटायरमेंट से पहले एचआरटीसी का कैशियर लापता

30 Jun 2020 7:33 PM GMT
रिटायरमेंट से पहले एचआरटीसी का कैशियर लापता
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हिमाचल पथ परिवहन निगम के चंबा डिपो में बतौर कैशियर कार्यरत एक कर्मचारी सोमवार दोपहर बाद ड्यूटी के दौरान अचानक रहस्यमय परिस्थतियों के बीच लापता हो गया। इस कर्मचारी की तीस जून मंगलवार को रिटायरमेंट थी। परिजनों व निगम प्रबंधन ने अपने- अपने स्तर पर गुमशदगी की रपट सिटी पुलिस चौकी में दर्ज करवा दी है। इसी बीच पुलिस ने लापता निगम कर्मचारी की तलाश को अभियान छेड़ दिया है।

मंगलवार को सिटी पुलिस चौकी प्रभारी एएसआई विक्रम की अगवाई में टीम ने निगम के वर्कशाप परिसर में स्थित कार्यालय जाकर अधिकारियों व कर्मचारियों के ब्यान भी दर्ज किए हैं, जिससे कर्मचारी की गुमशुदगी की वजह से पर्दा हटाने में मदद मिल सके। परिवहन निगम में कैशियर के पद पर कार्यरत धडोग मोहल्ले का नरेंद्र कुमार गत रोज भी डयूटी के लिए घर से निकला था। कार्यालय में डयूटी के दौरान दोपहर बाद अचानक वह लापता हो गया। नरेंद्र कुमार के ड्यूटी पर न लौटने पर सहयोगियों ने उसकी तलाश की, लेकिन कोई पता नहीं चल पाया। परिवहन निगम प्रबंधन ने तुरंत परिजनों को सूचित करने के साथ पुलिस में रपट दर्ज करवा दी। देर शाम के परिजनों ने भी पुलिस में दर्ज करवाई।

वहीं दूसरी ओर पिछले करीब 4 दिनों से एचआरटीसी डिपो में चालकों व परिचालकों के विभिन्न प्रकार के भत्तों में गोलमाल को लेकर जांच प्रक्रिया भी जा रही है। ऐसे में इस कर्मचारी के लापता होने से कई सवालिया निशान उठ रहे हैं। सीएम हेल्पलाइन में शिकायत होने के बाद मामले की जांच करने शिमला, हमीरपुर और धर्मशाला से आईं टीमें तीन दिन से रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। आरोप है कि चंबा एचआरटीसी आरएम कार्यालय में पिछले चार-पांच सालों से इस कारनामे को अंजाम देकर लाखों रुपए विभिन्न कर्मचारियों की ओर से हड़प लिए गए हैं। यह घोटाला एचआरटीसी ड्राइवर व कंडक्टर के रात्रि भत्ते और ओवरटाइम को लेकर किया गया है। आरएम कार्यालय में जो रिकॉर्ड उपलब्ध है उसमें तो हार्ड कॉपी में जानकारियां सही हैं। लेकिन पेमेंट के लिए एचआरटीसी आरएम कार्यालय से संबंधित बैंक को भेजी ई-मेल में टेंपरिंग कर फर्जीबाड़े को अंजाम दिया गया है।

संबंधित कर्मचारी ऑफिस रिकॉर्ड में तो सही हार्ड कॉपी लगाता रहा लेकिन बैंक को जो ई-मेल भेजता उसमें अपना नाम और अकाउंट नंबर जोड़ने के साथ कुछ अन्य की भी एंट्री कर देता और ऑफिसियल ई-मेल को डिलीट कर देता। बैंक इसी आधार पर ड्राइवर्स और कंडक्टर्स के खाते में रकम ट्रांसफर कर देता। इंटरनल ऑडिट में भी यह मामला नहीं पकड़ में आया। शिमला एचआरटीसी मुख्यालय ने जांच की जिम्मेवारी डीएम हमीरपुर अवतार के नेतृत्व में एकाउंट्स ब्रांच के अधिकारी शामिल हैं।

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