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कुल्लू

सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हुए हिमाचल के दो सपूत

6 April 2020 9:51 PM GMT
सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हुए हिमाचल के दो सपूत
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उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिला के केरन सैक्टर में नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की कोशिश कर रहे आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए हिमाचल प्रदेश के दोनों सपूतों को नम आँखों से विदाई दी गई शहीद हुए पैरा ट्रूपर बालकृष्ण व संजीव कुमार की पार्थिव देह को सोमवार को कुल्लू व बिलासपुर जिला लाया गया।

वीर सपूत बालकृष्ण का पार्थिव शरीर सोमवार को जब पैतृक गांव पुईद पहुंचा तो एकदम बारिश होनी शुरू हो गई। मानो ऐसा लगा कि शहीद बालकृष्ण के लिए आसमान भी रोया। इसके बाद जैसे ही शहीद के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए घर से बाहर निकाला तो एकदम आसमान साफ हो गया।

आंतकवादियों के हमले में शहीद हुए भारतीय सेना में पैराट्रूपर बालकृष्ण का कुल्लू के भूतनाथ स्थित श्मशानघाट में अंतिम संस्कार किया जाना था जो पुईद से सात किलोमीटर है। पुईद गांव से जब शवयात्र शुरू हुई तो सेना का वाहन आगे चला। कुल्लू तक पहुंचते हुए सात किलोमीटर के रास्ते में आने वाले हर परिवार के सदस्य घर से बाहर निकले और भारत माता की जय, अमर रहे शहीद तेरा नाम आदि नारे लगाए। भारत माता जय के नारों का सिलसिला कुल्लू के भूतनाथ तक देखने को मिला। लोगों ने अपने घरों से बाहर निकल कर शहीद को नम आंखों से विदाई दी। भूतनाथ में स्थित श्मशानघाट में जब शहीद बालकृष्ण की चिता को मुखाग्नि दी गई तो ब्यास नदी के दूसरे छोर पर खड़े करीब 50 लोगों ने भी भारत माता की जय के नारे लगाए।

वहीँ घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत हटवाड़ के देहरा गांव के 43 वर्षीय हवलदार संजीव कुमार की पार्थिव देह का सोमवार को उनके पैतृक श्मशानघाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। संजीव कुमार फ ोर पैरा मिलिटरी में कार्यरत थे। श्रीनगर से चौपर के माध्यम से शहीद के शव को सपड़ी (ज्वालाजी) लाया गया। उसके बाद गाड़ी के माध्यम से बिलासपुर जिला स्थित उनके पैतृक गांव लाया गया। गांव के सारे लोगों ने पार्थिव शरीर को ले जाते समय पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। शहीद संजीव कुमार की पाॢथव देह को उनके पुत्र कनिष्क ने मुखाग्नि दी। 14 सिख रैजीमैंट ने कैप्टन राजीव कुमार नेगी की अगुवाई में शहीद को श्रद्धांजलि दी।

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