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चंबा

15 वर्षों से संघर्षरत हजारों पीटीए,पैरा,पैट व विद्या उपासकों के अस्तित्व पर छाए बादल हमेशा के लिए छंटे

19 April 2020 7:36 AM GMT
15 वर्षों से संघर्षरत हजारों पीटीए,पैरा,पैट व विद्या उपासकों के अस्तित्व पर छाए बादल हमेशा के लिए छंटे
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हिमाचल प्रदेश अनुबन्ध पी टी ए शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष हरीश हरीश ठाकुर , उपाध्यक्ष अमित मुखिया ,चेयरमैन विवेक मेहता उप चेयरमैन नरेंद्र शर्मा सहित प्रदेश कार्य समिति के पदाधिकारी बलदेव राणा ,रवि ठाकुर , राजपूत संजीव ठाकुर , रविकांत शर्मा ,देवेंदर ठाकुर,कपिल बरसांटा ,मुरारी ठाकुर, ललित ठाकुर, सुभाष भारद्वाज, सुनील गौतम ,बॉबी घेदटा ,विरेंद्र ठाकुर ,दिनेश पटियाल ,प्रताप फौजी ,शिशुपाल गाजटा आदि पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान जारी करते हुएने प्रदेश सरकार के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जी माननीय शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज जी , एजी अशोक शर्मा जी , शिक्षा सचिव , विधि सचिव , उच्च शिक्षा निदेशक व प्रारम्भिक शिक्षा निदेशक , मुख्य अधिवक्ता परमजीत सिंह पटवालीया जी ,मुनीश पांडे जी , कर्ण ठाकुर जी, शिक्षा मंत्री के ओएसडी डॉक्टर मामराज पुंडीर जी,डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी नेगी सहित समस्त सरकार का माननीय सर्वोच्च न्यायलय में साथ व सहयोग करने के लिए आभार व्यक्त किया है। हरीश ठाकुर ने प्रदेश के सभी शिक्षकों का भी सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है ।

गौरतलब है कि माननीय सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित होने के चलते सरकार पी टी ए अध्यापकों का नियमितीकरण नहीं कर पा रही थी हालांकि सरकार गतवर्ष समस्त पी टी ए अध्यापकों को नियमित अध्यापकों के बराबर वेतन दे रही है जिसके लिए संघ समस्त अध्यापकों की तरफ से सरकार का आभार प्रकट करता है ।

माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा पिछले पांच वर्षों से लंबित हजारों अस्थाई शिक्षकों पीटीए,पैरा, पैट और ग्रामीण विद्या उपासक के मामले पर अंतिम सुनवाई केस नंबर 1503 कोर्ट नंबर 2 में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई। माननीय सुप्रीम कोर्ट ने विरोधियों की सभी याचिकाओं को खारिज़ करते हुए हिमाचल सरकार की उपरोक्त सभी भर्तियों को जायज ठहराते हुए ऊक्त मामले में हिमाचल हाई कोर्ट के दिसम्बर 2014 में पक्ष में दिए गए फैसले को बरकरार रखा गया ।

गौरतलब है कि माननीय सुप्रीम कोर्ट में चंद्रमोहन वनाम हिमाचल सरकार पर सुनाई 30 जनवरी 2020 को पूर्ण हो चुकी थी और फैसला सुरक्षित रख लिया गया था जिसका फैंसला माननीय न्यायालय ने सुनाया है । माननीय सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णायक फैसले से हजारों शिक्षक परिवारों का भविष्य सुरक्षित हुआ है। आज पिछले 15 वर्षों से संघर्षरत हजारों पीटीए,पैरा,पैट व विद्या उपासकों के अस्तित्व पर अनिश्चितताओं के बादल हमेशा के लिए छंट गए हैं । माननीय हाई कोर्ट हिमाचल प्रदेश द्वारा पहले ही 9 दिसम्बर 2014 में पक्ष में फैसला सुनाया जा चुका है। आज इस फैसले से हजारों शिक्षकों के नियमितीकरण का मार्ग प्रशस्त हो गया है ।

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