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चंबा

18 जनवरी से जिले में शुरू होगा सड़क सुरक्षा माह , तुन्नूहट्टी बैरियर से होगा शुभारंभ

ManMahesh
16 Jan 2021 12:44 PM GMT
18 जनवरी से जिले में शुरू होगा सड़क सुरक्षा माह , तुन्नूहट्टी बैरियर से होगा शुभारंभ
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प्रत्येक उपमंडल में एसडीएम की देखरेख में विभिन्न विभागों के समन्वय से चलेगा अभियान

डलहौज़ी हलचल (चंबा) : वाहन चालकों और आम जनमानस में सड़क सुरक्षा के महत्व के प्रति जागरूकता पैदा करने के मकसद से पूरे प्रदेश में सड़क सुरक्षा माह का आयोजन किया जा रहा है। चंबा जिला में भी 18 जनवरी से सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा संदेश पर आधारित इस अभियान का शुभारंभ होगा। अभियान के प्रबंधों को लेकर राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के वीडियो कांफ्रेंस कक्ष में हुई समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त डीसी राणा ने कहा कि चंबा जिला में तुन्नूहट्टी बैरियर से इस अभियान की शुरुआत होगी। वर्चुअल माध्यम से आयोजित इस बैठक के दौरान उपायुक्त ने निर्देश देते हुए कहा कि जिले के प्रत्येक उपमंडल में एसडीएम की देखरेख में विभिन्न विभागों के समन्वय से 5 से लेकर 10 विभिन्न गतिविधियों को अंजाम दिया जाएगा। जिनमें सभी सुरक्षा मानकों को दर्शाने वाली बाइक और साइकिल रैली, चालकों के लिए स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, सड़कों पर ब्लैक स्पॉटों का सुधार, चेतावनी बोर्ड की स्थापना, पुलिस द्वारा वाहन चालकों के औचक निरीक्षण करके उन्हें सुरक्षा और दूसरों की रक्षा को लेकर प्रति प्रेरित करने जैसी कई गतिविधियां शामिल रहेंगी।

उपायुक्त ने कहा कि चूंकि सड़क सुरक्षा का यह अभियान पूरे एक महीने तक आयोजित किया जाएगा, ऐसे में जिले में इस तरह की गतिविधियां अभियान के तहत चलाई जाएं जिसका सकारात्मक और समग्र संदेश समाज को मिल सके। उपायुक्त ने यह भी कहा कि सलूणी, तीसा और भरमौर जैसे वे क्षेत्र जहां अक्सर सड़क दुर्घटना की घटनाएं होती रही हैं, वहां विशेष फोकस करने की आवश्यकता है। दुर्घटनाओं के कारणों की समीक्षा करके वाहन चालकों को जागरूक किया जाए।

उपायुक्त ने ये भी कहा कि विशेषकर डलहौजी में सर्दी के दौरान सड़क पर फिसलन से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को लेकर भी चिन्हित जगह पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। उपायुक्त ने इस बात की जरूरत पर भी जोर दिया कि पुलिस तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाने वाले वाहन चालकों पर विशेष निगाह रखे। इसके अलावा वाहन में प्रेशर हॉरन इस्तेमाल करने वाले वाहन चालक के खिलाफ भी कार्यवाही की जाए। वाहन के पीछे लिखे गए ब्लो हॉरन शब्दों को मौके पर मिटा कर उसकी जगह नो हॉरन लिखा जाना भी इस अभियान का हिस्सा बनाया जाए ताकि उन्हें यह संदेश मिले कि हॉरन बजा कर दुर्घटना से नहीं बचा जा सकता बल्कि इसके लिए वाहन चलाते समय सुरक्षा के मानकों को हमेशा अपनाने की आवश्यकता होती है।किशोरावस्था वाले दुपहिया वाहन चालकों पर भी निरंतर निगरानी रखी जाए।

उपायुक्त ने सभी एसडीएम को कहा कि पुलिस द्वारा जिन ड्राइविंग लाइसेंस को निरस्त करने के लिए भेजा जाता है उन सभी पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि सड़क नियमों की बार-बार अवहेलना करने वाले वाहन चालकों को सबक मिले।

उन्होंने कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में जब सड़कों पर वाहनों की आवाजाही में कई गुना वृद्धि हुई है ऐसे में सड़क सुरक्षा के सभी नियमों को अपनी रोजमर्रा की आदतों के तौर पर शामिल करके ही अपनी और दूसरों के जीवन की सुरक्षा की जा सकती है। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त मुकेश रेपसवाल और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रमन शर्मा के अलावा जिला के विभिन्न उपमंडलों के एसडीएम, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंताओं और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने हिस्सा लिया।


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