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नहीं रहे पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रामनाथ शर्मा

ManMahesh
15 Sep 2020 12:13 PM GMT
नहीं रहे पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रामनाथ शर्मा
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पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रामनाथ शर्मा का मंगलवार सुबह चंडीगढ़ में उपचार के दौरान निधन हो गया। स्वर्गीय रामनाथ शर्मा काफी समय से चंडीगढ़ के अस्पताल में उपचाराधीन थे।

डलहौज़ी हलचल (ऊना ) : पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रामनाथ शर्मा का मंगलवार सुबह चंडीगढ़ में उपचार के दौरान निधन हो गया। स्वर्गीय रामनाथ शर्मा काफी समय से चंडीगढ़ के अस्पताल में उपचाराधीन थे। इनके आकस्मिक निधन पर जिला ऊना के साथ-साथ कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में भी शोक की लहर छा गई है।

उपमंडल बंगाणा की पंचायत ढियूंगली के गाँव नेरी में जन्मे रामनाथ शर्मा का राजनीतिक सफर 1977 में जनता पार्टी से शुरू हुआ था। तब से लेकर आज दिन तक विभिन्न पार्टियों के बैनर तले इन्होंने कुटलैहड़ क्षेत्र के चुनाव मैदान में उतरकर अपना भाग्य आजमाया । दो सफलताओं के उपरान्त इन्हें हर बार निराशा ही हाथ लगी। स्वर्गीय रामनाथ शर्मा के पिता का नाम पंडित धनीराम था जो कि एक जाने-माने ज्योतिषी थे और इनकी माता विंदेश्वरी देवी गृहिणी थीं। रामनाथ शर्मा तीन भाई थे। एक भाई फॉरेस्ट डिपार्टमेंट से सेवानिवृत हैं और दूसरे प्राईवेट काम करते हंै। स्वर्गीय रामनाथ शर्मा का विवाह डोहक निवासी विद्या देवी के साथ हुआ था। रामनाथ शर्मा के घर चार संतानें लड़कियां और लडक़े संतानें हुईं। जिसमें विवेक शर्मा, विपन शर्मा और दो लड़कियां पूनम और कुसुम हैं। इनके बेटे विवेक शर्मा भी विधानसभा चुनाव में अपना भाग्य आजमा चुके हैं। स्वर्गीय रामनाथ शर्मा नेवी में अपनी सेवाएं भी दे चुके हैं। नेवी में सेवाएं देने के उपरान्त इन्होंने राजनीति में अपना भाग्य आजमाया। इनके निधन के साथ ही कुटलैहड़ में पूर्व विधायक कोई नहीं रहा है।

नेवी में सेवाएं देने के उपरान्त स्वर्गीय रामनाथ शर्मा ने अपना राजनीतिक सफर सन 1977 में जनता पार्टी से शुरू किया। 1977 में रामनाथ शर्मा जनता दल के बैनर तले कुटलैहड़ क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतरे। इस चुनाव में रामनाथ शर्मा को 9836 और विपक्ष की आईएनसी की सरला देवी को 6000 मत मिले थे। 1982 में आईएनसी से रामनाथ शर्मा ने चुनाव लड़ा था। इस चुनाव रामनाथ शर्मा को 6244 , भाजपा से प्रत्याशी रहे स्वर्गीय वेदरत्न आर्य को 6185 और जेएनपी के ठाकुर रणजीत सिंह को 7022 मत मिले थे। इसके उपरान्त 1985 में इंडियन नेशनल काँग्रेस से जेएनपी के प्रत्याशी स्वर्गीय ठाकुर रणजीत सिंह के विपरीत चुनाव लड़ा। इस चुनाव में रामनाथ शर्मा को 13766 वोट मिले और ठाकुर रणजीत सिंह को 9714 मत मिले। विधायक बनने के बाद विधानसभा उपाध्यक्ष बने। 1990 में रामनाथ शर्मा को आईएनसी से चुनाव लडक़र 11988 , जबकि स्वर्गीय ठाकुर रणजीत सिंह को 15994 मत मिले थे। 1993 में रामनाथ शर्मा को 13874 जबकि बीजेपी के रामदास मलांगड़ को 14846 मत मिले थे। 2007 में रामनाथ शर्मा को 17734 जबकि बीजेपी के वीरेन्द्र कंवर को 24677 मत मिले थे। रामनाथ शर्मा ने छह दफा कुटलैहड़ क्षेत्र से चुनाव लड़ा। जिसमें इन्हें दो दफा ही सफलता हाथ लग पाई। स्वर्गीय रामनाथ शर्मा के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गाँव लाया जाएगा और वहीं पर इनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

इनके आकस्मिक निधन पर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह,युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राजा विक्रमादित्य,कुटलैहड़ कांग्रेस कमेटी के पूर्व ब्लॉकाध्यक्ष देसराज गौतम, रविन्द्र फौजी, केसी शर्मा, राष्ट्रीय किसान संघ के प्रदेश महासचिव देशराज मोदगिल, कुटलैहड़ युकां के मुनीष बैंस, सुदेश वोहरा, प्रेस क्लब बंगाणा, प्रवीण शर्मा, बलदेव सिंह कुटलैहडिय़ा, कर्नल धर्मेन्द्र पटियाल,सत्या देवी समेत कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया और शोक संत्पत परिवार के लिए भगवान से प्रार्थना की है।

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