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काँगड़ा

समन्वित प्रयास से हो सकता है अनुकूल पर्यावरण: डीसी

ManMahesh
26 Aug 2020 9:36 AM GMT
समन्वित प्रयास से हो सकता है अनुकूल पर्यावरण: डीसी
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बैठक में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ पर्यावरण अभियंता एवं जिला स्तरीय समिति के सदस्य सचिव डॉ.आरके नड्डा ने बैठक का संचालन किया तथा विभिन्न मुद्दों का विस्तृत ब्यौरा पेश किया।

डलहौज़ी हलचल (कांगड़ा) : उपायुक्त कांगड़ा राकेश कुमार प्रजापति ने कहा कि राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के आदेशों की अक्षरशः पालना के लिए सभी अधिकारी अपने-अपने विभाग के कार्यों के प्रति जिम्मेदार रहें। उन्होंने सभी विभागों को समन्वित प्रयास कर पर्यावरण-अनुकूल कार्य करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कार्यों की योजना बनाकर सभी अधिकारियों को दे दी है। उसी के अनुसार अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

राकेश कुमार प्रजापति आज बुधवार को डीआरडीए के सभागार में हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, धर्मशाला द्वारा आयोजित जिला स्तरीय समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे।

इस अवसर पर कचरा प्रबंधन योजना, प्लास्टिक प्रबंधन योजना, भवन निर्माण अपशिष्ट योजना, जल एवं वायु प्रदूषण योजना, जैव चिकित्सा अपशिष्ट योजना, हानिकारक कचरा प्रबंधन योजना, घरेलू सीवरेज प्रबंधन योजना तथा खनन गतिविधि प्रबंधन योजना पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें सभी विभागों को उनके कार्य क्षेत्रों के बारे में अवगत करवाया गया। उन्होंने बताया कि सामाजिक सहभागिता को शामिल करने के लिए जिला पर्यावरण योजना का महत्वपूर्ण महत्व है। इसे व्यक्तिगत भूमिकाओं और जिम्मेदारियों से प्रत्येक विभाग एवं अधिकारी को करना चाहिए ताकि मानव गतिविधियों के प्रतिकूल प्रभाव को कम किया जा सके। इन क्षेत्रों में अधिकारियों के साथ-साथ आम जनता को भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

उपायुक्त ने कहा कि नगर निकायों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि कचरे के सही निष्पादन पर जोर दें। उन्होंने कहा कि बायो-मेडिकल कचरे, ई-कचरे और अन्य हानिकारक कूड़े का निष्पादन सही ढ़ग से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिला के नदी-नालों में प्रदूषण, अवैध डंपिंग और अवैध खनन को रोकने के लिए सभी संबंधित अधिकारी कदम उठाएं तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ठोस एवं तरल कचरे का सही निष्पादन सुनिश्चित किया जा सकता है। इसमें पंचायत जनप्रतिनिधियों का सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

उन्होंने बैठक में उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश में वर्णित बिन्दुओं का गहन अध्ययन कर आपसी समन्वय से इसकी पालना करने के निर्देश दिये।

बैठक में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ पर्यावरण अभियंता एवं जिला स्तरीय समिति के सदस्य सचिव डॉ.आरके नड्डा ने बैठक का संचालन किया तथा विभिन्न मुद्दों का विस्तृत ब्यौरा पेश किया।

इस अवसर पर परियोजना अधिकारी डीआरडीए सोनू गोयल, वरूण गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा यूएलबी उपस्थित थे।

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