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काँगड़ा

धर्मशाला और सुंदरनगर 'नगर वन' के रूप में होंगे विकसित: पठानिया

ManMahesh
17 Aug 2020 12:19 PM GMT
धर्मशाला और सुंदरनगर नगर वन के रूप में होंगे विकसित: पठानिया
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हिमाचल के धर्मशाला तथा सुंदरनगर को नगर वन योजना में शामिल किया जाएगा इसके तहत केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा दो करोड़ की ग्रांट भी मिलेगी।

डलहौज़ी हलचल (धर्मशाला): हिमाचल के धर्मशाला तथा सुंदरनगर को नगर वन योजना में शामिल किया जाएगा इसके तहत केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा दो करोड़ की ग्रांट भी मिलेगी। नगर वन योजना के तहत चयनित नगर निकायों में इको पार्क, नव ग्रह वाटिकाएं तथा वन विकसित किए जाएंगे।

यह जानकारी वन एवं युवा खेल सेवाएं मंत्री राकेश पठानिया ने धर्मशाला में सोमवार को केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावेडकर की अध्यक्षता में दिल्ली से विडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से आयोजित वन मंत्रियों की बैठक में दी। इस विडियो कांफ्रेसिंग में तीस राज्यों के वन मंत्रियों ने अपने अपने राज्य की वनीकरण गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की।

राकेश पठानिया ने कहा कि बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए स्कूल नर्सरी कार्यक्रम भी आरंभ किया जा रहा है इसमें स्कूल में ही बच्चों द्वारा पौधों की नर्सरी तैयार की जाएगी इसके पश्चात नर्सरी में तैयार पौध को बच्चे अपने अपने घरों के आसपास रोपित करेंगे और इन पौधों का संरक्षण भी करेंगे। उन्होंने बताया कि राज्य में विद्यार्थी वन मित्र योजना भी आरंभ की गई है जिसके तहत राज्य के 374 स्कूलों के बच्चों द्वारा 2900 हेक्टेयर भूमि पर पौधरोपण किया गया है तथा इन पौधों की देखभाल भी की जा रही है।

राकेश पठानिया ने कहा कि राज्य के हर गांव में चरणबद्व तरीके से नवग्रह वाटिकाएं भी विकसित की जा रही हैं तथा अब तक तीन हजार हेक्टयेर भूमि पर एक करोड़ पौधे रोपित किए जा चुके हैं ताकि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में आम जनसहभागिता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक फोरेस्ट कवर 27.2 प्रतिशत है जिसे बढ़ाकर तीस प्रतिशत करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है इस के लिए वन विभाग विभिन्न स्तरों पर पौधारोपण तथा वनों के सरंक्षण के लिए विभिन्न गतिविधियां चला रहा है।

वन मंत्री ने कहा कि लेडर तकनीक से मिट्टी की नमी की जांच के लिए भी प्रोेजेक्ट तैयार किया गया है जिसे स्वीकृति के लिए भारत सरकार को भेजा गया है इसके साथ ही हिमाचल की सतलुज, ब्यास तथा यमुना नदी के किनारे वनीकरण गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भी प्रोजेक्ट तैयार किया गया है।

इस अवसर पर वन विभाग के विभिन्न अधिकारी भी उपस्थित थे।




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