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बिजली विभाग यूनियन ने सरकार के संशोधन कानून 2020 का किया विरोध

संजीव कुमार
18 Aug 2020 1:02 PM GMT
बिजली विभाग यूनियन ने सरकार के संशोधन कानून 2020 का किया विरोध
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हिमाचल प्रदेश राज्य में जगह जगह बिजली कर्मचारियों व अभियन्ता की राष्ट्रीय समनवय समिति द्वारा आज बिजली संशोधन कानून 2020 व केंद्रीय सरकारी उपक्रमों के निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है।

डलहौज़ी हलचल (नूरपुर) :- हिमाचल प्रदेश राज्य में जगह जगह बिजली कर्मचारियों व अभियन्ता की राष्ट्रीय समनवय समिति द्वारा आज बिजली संशोधन कानून 2020 व केंद्रीय सरकारी उपक्रमों के निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर नूरपुर जोन के बिजली कर्मचारियों ने विद्युत मंडल नूरपुर में बिजली संशोधन कानून 2020 को लेकर सरकार के विरुद्ध रोष प्रकट किया और कहा कि यह सरकार न बिजली कर्मचारियों की हितैषी है न ही इसे लोगों से कुछ मतलब है। इसे सिर्फ अपनी राजनीतिक चमकाने या अगले चुनावों में कैसे जीत हासिल करनी है उसी से मतलब है।

उन्होंने यह भी कहा कि इस क़ानून के लागू हो जाने से ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा मिलेगा और इसके साथ ही कार्यरत कर्मचारियों की सेवा शर्तो पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा । वहीँ उपभोक्ताओं को भी महंगी दरों पर बिजली मिलेगी । यूनियन मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को यह कहना चाहती है की 1990 में बिजली बोर्ड के कर्मचारियों की संख्या 43000 थी और कंज्यूमर 900000 थे आज कंज्यूमर 2500000 के करीब है और बिजली कर्मचारियों की संख्या घटकर 16000 रह गई है। फिर भी सभी कर्मचारी मेहनत और ईमानदारी से काम कर रहे हैं।

बिजली यूनियन सैक्रेटरी अरुण सहौत्रा ने कहा कि सरकार हम कर्मचारियों के साथ इन्साफ नहीं कर रही और संशोधन कानून 2020 लाकर सभी कर्मचारियों को एक ठेकेदार प्रथा में धकेलने की मंशा में है। हम पूरे हिमाचल प्रदेश के बिजली कर्मचारी कानून का विरोध करते हैं और प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से अपील करते हैं कि इस क़ानून को प्रदेश में लागू ना करें।अन्यथा हम कर्मचारी सरकार के इस फैसले का विरोध करेंगे । उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा सरकार चाहे प्रदेश की हो चाहे केन्द्र की हो वह कई सरकारी विभागों का निजीकरण कर चुकी और कर रही है।यह न तो कर्मचारियों के हित मे है और ना ही देश के हित के लिए कोई सही फैसला है।

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