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काँगड़ा

विद्यार्थियों की शिक्षा का उचित प्रबंध करने के लिए सरकार उठाये ठोस कदम : अजय महाजन

संजीव कुमार
21 Aug 2020 1:47 PM GMT
विद्यार्थियों की शिक्षा का उचित प्रबंध करने के लिए सरकार उठाये ठोस कदम : अजय महाजन
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जिला कांगड़ा कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक अजय महाजन ने कोरोना काल में ऑनलाइन स्टडी के प्रदेश सरकार के दावे को वास्तविकता से परे करार दिया है।

डलहौज़ी हलचल (भरमौर) : जिला कांगड़ा कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक अजय महाजन ने कोरोना काल में ऑनलाइन स्टडी के प्रदेश सरकार के दावे को वास्तविकता से परे करार दिया है। महाजन ने कहा कि कोरोना के चलते शिक्षण संस्थान बन्द होने के चलते बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। घर बैठे ऑनलाइन स्टडी के लिए छात्रों के पास बेहतर संसाधन तथा एंड्रॉइड मोबाइल सुविधा होना जरूरी है, लेकिन प्रदेश में बेहतर ऑनलाइन स्टडी के दावे करने वाली सरकार ने यह जानने का प्रयास किया कि 68 विस क्षेत्रों में ऐसे कितने परिवार है जो अपने अपने बच्चों को एंड्राइड फ़ोन की सुविधा उपलब्ध करवा पाए है या नही।

महाजन ने कहा कि सच्चाई यह है कि अधिकतर बच्चे, विशेष तौर पर सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले और समाज के निम्न वर्ग से सम्बंधित परिवारों के बच्चे न तो एंड्राइड मोबाइल की सुविधा रखते हैं और न ही अच्छी गुणवत्ता की इंटरनेट सुविधा उनके पास है। कोरोना काल मे इन बच्चों के अभिभावक अपनी रोजी रोटी का बंदोबस्त भी बड़ी मश्कत से कर रहे हैं। चूंकि सब बच्चों को शिक्षा की सुविधा प्रदान करना सरकार की संवैधानिक जिम्मेवारी बनती है इसलिए इस कोरोना काल मे सब विद्यार्थियों की शिक्षा का उचित प्रबंध करने के लिए सरकार ठोस कदम उठाए। अभी निकट भविष्य में स्कूल खुलने की कोई भी सम्भावना नही है इसलिए बच्चों को लंबे समय तक ऑनलाइन शिक्षा पर ही निर्भर रहना पड़ेगा जिसके लिए उन्हें एंड्राइड मोबाइल फोन और इंटरनेट की सुविधा की अहम आवश्यकता होगी। बच्चों के अभिभावक इतनी क्षमता नही रखते हैं कि वो उन्हें यह सहूलियत दे पाएं।

यदि सरकार कोरोना काल मे नए मंत्रियों को मंत्रिमंडल में शामिल करके उन्हें सारी सुख सुविधाएं प्रदान कर सकती है और राज्य के राजस्व पर भार डाल सकती है तो शिक्षा जैसे अहम क्षेत्र में भी पैसा खर्च करने से सरकार को अपनी जिम्मेवारी से पीछे नही हटना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों नगरोटा बगवां के बलधर गांव के एक विद्यालय के शिक्षको ने 15 बच्चों को अपनी और से मोबाइल भेंट किये । यदि अध्यापक अपने खर्चे पर बच्चों को यह सुविधा दे रहे हैं तो सरकार को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। महाजन ने कहा कि पंजाब सरकार की तर्ज पर प्रदेश सरकार भी सरकारी विद्यालयों के बच्चों को यह स्मार्ट फ़ोन मुहैया करवाए ताकि उनकी शिक्षा प्रभावित न हो पाए।




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