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काँगड़ा

मुझे प्रदेश भविष्य की तस्वीर धुंधली दिखाई दे रही है - बाली

ManMahesh
14 Sep 2020 2:32 PM GMT
मुझे प्रदेश भविष्य की तस्वीर धुंधली दिखाई दे रही है - बाली
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परियोजनाओं के निर्माण को बहाल करवाए अगर सरकार इसमे भी विफल रहती है तो ये प्रदेश के 80 प्रतिशत लोगो के साथ अन्याय होगा जिसका खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा

डलहौज़ी हलचल (धर्मशाला) : पूर्व मंत्री जीएस बाली ने आज कांगड़ा में कहा कि मुझे इस बात की लगातार पीड़ा हो रही है कि हिमाचल में जब कांग्रेस पार्टी की सरकार थी तो तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में लोक निर्माण विभाग के उच्चाधिकारियों व परिवहन विभाग जो कि मेरे पास था हम सबने मिल कर लगातार अपने प्रयत्नों व कड़े परिश्रम से केंद्रीय मंत्री नितिन गढ़करी जब हिमाचल आए थे तो हमारे आग्रह से शिमला मटौर व पठानकोट मनाली मार्गो को फ़ॉर लेन करने व NHAI द्वारा इसके निर्माण व रख रखाव व अन्य कार्य हेतू उन्होंने घोषणा ही नहिबकी अपितु इन मार्गो के सर्वे करवाने के आदेश भी जारी किए थे । परन्तु अब लगभग चार साल के उपरांत मुझे यह अत्यंत दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि शिमला को कांगड़ा से व पठानकोट को मनाली से जोड़ने वाले दोनों राष्ट्रीय उच्च मार्गो को रद्द करके केंद्र सरकार ने अपना पल्ला झाड़ लिया है । इस क्रिया से मुझे एहसास ही नही बल्कि विश्वास भी हो रहा है कि वर्तमान सरकार ने इन योजनाओं को कार्यरूप देने में कोई कार्य नही किया यह कार्य जनता की मूलभूत सुविधाओ से जुड़ा हुआ था और इसमें कांगड़ा से शिमला की दूरी 200 किलोमीटर से कम होकर मात्र करीब 50 किलोमीटर की हो जानी थी


बाली ने कहा कि विडंबना की बात यह है कि उपरोक्त परियोजनाओं के दस्तावेज केंद्र सरकार के आधीन NHAI को भेजे गए थे और जब यह परियोजनाए रद्द हो गई है तो यह दस्तावेज NHAI के पास ही रहने चाहिए थे न कि हिमाचल लोक निर्माण विभाग के पास जो कि राज्य, जिला स्तरीय एवं अन्य छोटे छोटे मार्गो का रख रखाव भी नही कर पा रहा है । अब मैं हिमाचल प्रदेश की जनता से एक ही अपील करना चाहता हूं कि अपने हक की लड़ाई हमे पूरी ताकत से लड़नी होगी नही तो मुझे हिमाचल के भविष्य की तस्वीर बहुत ही धुंधली दिखाई दे रही है और हम यदि इन जन विरोधी निर्णयों के खिलाफ एक जुट हो कर नहीं लड़े तो एक दिन खाली हाथों से ताली ही बजानी पड़ेगी । बाली ने कहा कि मेरा प्रदेश के मुख्यमंत्री से निवेदन है कि तुरन्त दिल्ली जाकर उक्त परियोजनाओं के निर्माण को बहाल करवाए अगर सरकार इसमे भी विफल रहती है तो ये प्रदेश के 80 प्रतिशत लोगो के साथ अन्याय होगा जिसका खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा

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