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काँगड़ा

कच्चा मकान और पशुशाला गिरी, कमरे में सो रही 16 वर्षीय किशोरी की मौत

ManMahesh
5 Sep 2020 7:48 AM GMT
कच्चा मकान और पशुशाला गिरी, कमरे में सो रही 16 वर्षीय किशोरी की मौत
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कांगड़ा जिला के उपमंडल देहरा के अंतर्गत आती ग्राम पंचायत वलसूं दरकाटा के गांव चेलियां में शुक्रवार देर रात एक कच्चा रिहायशी मकान गिरने से एक 16 वर्षीय युवती सहित एक भैंस और उसके बच्चे की मौत हो गई है।

डलहौज़ी हलचल (कांगड़ा): कांगड़ा जिला के उपमंडल देहरा के अंतर्गत आती ग्राम पंचायत वलसूं दरकाटा के गांव चेलियां में शुक्रवार देर रात एक कच्चा रिहायशी मकान गिरने से एक 16 वर्षीय युवती सहित एक भैंस और उसके बच्चे की मौत हो गई है। गनीमत ये रही कि इस मकान का थोड़ा सा हिस्सा बच गया नहीं तो घर के सभी सदस्य इसकी चपेट में आ जाते। घटना के दौरान नाबालिग घर के एक कमरे में सोई हुई थी।

जानकारी के अनुसार, कांगड़ा के देहरा में नाग मंदिर के पास शुक्रवार रात डेढ़ बजे मकान और पशुशाला गिर गई। हादसे में 16 वर्षीय किशोरी सहित एक भैंस और बछड़े की भी मौत हो गई। रात डेढ़ बजे पहले कमरे की दीवार गिरी और 16 साल की सलोनी दब गई। परिवार के अन्य सदस्य जैसे ही बरामदे से बाहर निकले तो वह भी गिर गया। मौके पर फायर ब्रिगेड को बुलाया गया और घायल किशोरी को बाहर निकाल कर टांडा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका की छोटी बहन भी उसके साथ कमरे में ही सोती थी, लेकिन वह अपनी बुआ के घर गई थी, इसलिए वह बच गई। विधायक देहरा होशियार सिंह ने हादसे पर दुःख जताया है और कहा कि पीड़ित परिवार की हर संभव सहायता की जाएगी।


वहीँ बलसूं दरकाटा के प्रधान रामचंद्र ने बताया कि मुझे रात लगभग 3 बजे सूचना मिली तो मैं खुद मौके पर गया। वहां पर जाकर देखा तो एक गौशाला और मकान गिर गया था। जिससे देशराज की एक लड़की जिसकी उम्र 16 साल है वह भी मलबे में दब गई थी और साथ में गौशाला में बंधी भैंस और भैंस का बच्चा भी मलबे में दब गया था। गांव वालों ने काफी मशक्कत के बाद लगभग 1 घंटे बाद मलबा हटाने के बाद लड़की को निकाला। पुलिस व फायर बिग्रेड भी मौके पर पहुंच गई थी। लड़की को कांगड़ा अस्पताल ले गए जहां उसकी मृत्यु हो गई है।

एसडीएम देहरा धनबीर ठाकुर ने मौके का जायजा लिया है। जानकारी के अनुसार, सलेटपोश मकान का एक कमरा और गौशाला ताश के पतों की तरह बिखर गई। यह एक कच्चा मकान था। सबने मिल कर उक्त कमरे का मलवा हटाना शुरू किया लेकिन इसे हटाते-हटाते लगभग एक डेढ़ घंटा लग गया। कड़ी मशक्कत के बाद सलोनी को निकाला गया।

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