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मंडी

ऑटो रिक्शा चालक की ईमानदारी, बुजुर्ग के 3 लाख रुपए लौटकर बने मिसाल

ManMahesh
18 Oct 2020 3:45 AM GMT
ऑटो रिक्शा चालक की ईमानदारी, बुजुर्ग के 3 लाख रुपए लौटकर बने मिसाल
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एएसपी आशीष शर्मा ने कहा कि आटोरिक्शा चालक ने तीन लाख रुपये वापस कर इमानदारी का परिचय दिया है। उन्होंने इसके लिए पितांबर सिंह की तारीफ की।

डलहौज़ी हलचल (मंडी) : आज के इस धोखाधड़ी वाले दौर मों किसी पर भी विश्वास करना बहुत मुश्किल है, ख़ास तौर से अगर वह कोई अनजान हो तो हम उसपर कतई विश्वास नहीं करते लेकिन आज ईमानदार लोग इस दुनिया मौजूद है। दिन में 300 से 500 रुपये कमाने वाले ऑटोरिक्शा चालक ने तीन लाख रुपये उसके मालिक तक पहुंचाकर ईमानदारी की मिसाल पेश की है। मंडी शहर के रहने वाले बुजुर्ग योगराज का पैसों का थैला आटोरिक्शा नंबर एचपी-05-1910 में छूट गया था। चालक पितांबर सिंह ने उन्हें यह थैला लौटाकर जो इमानदारी दिखाई उसकी तारीफ हर कोई कर रहा है।


वीरवार को दोपहर 12 बजे पुरानी मंडी निवासी योगराज एफडी के तीन लाख रुपये लेकर अन्य बैंक में जमा करवाने जा रहे थे। उन्होंने बैंक के बाहर से आटोरिक्शा किया और चौहाटा बाजार में उतर गए। इस दौरान वह पैसों से भरा थैला आटोरिक्शा में ही भूल गए। आटोरिक्शा चालक पितांबर सिंह निवासी ननाव की नजर बाद में इस थैले पर पड़ी। उन्होंने इसे खोला तो इसमें तीन लाख रुपये थे। इतनी अधिक राशि देखकर भी उनका इमान नहीं डोला और उन्होंने तीन लाख रुपये सिटी पुलिस चौकी में पहुंचा दिए।

पुलिस ने पैसों के बंडल पर लगे बैंक की रसीद और एक कागज मिला जिसमें योगराज का नंबर था। इसके बाद पुलिस ने बैंक से जानकारी हासिल की। फिर योगराज को इस बारे में सूचित किया। शनिवार को सिटी पुलिस चौकी में एएसपी आशीष शर्मा की मौजूदगी में आटोरिक्शा चालक पितांबर ने तीन लाख रुपये योगराज व उनके पुत्र को दिए। एएसपी आशीष शर्मा ने कहा कि आटोरिक्शा चालक ने तीन लाख रुपये वापस कर इमानदारी का परिचय दिया है। उन्होंने इसके लिए पितांबर सिंह की तारीफ की।


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