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मंडी

डीएसपी राजगढ़ द्वारा कोली समाज हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष को अपमानित करने पर कार्यवाही की मांग

ManMahesh
2 Oct 2020 6:05 AM GMT
डीएसपी राजगढ़ द्वारा कोली समाज हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष को अपमानित करने पर कार्यवाही  की मांग
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इस सम्बन्ध में लीलाधर चौहान, प्रदेशअध्यक्ष युवा कोली समाज हिमाचल प्रदेश ने पुलिस अधीक्षक जिला सिरमौर को एक पत्र लिख कर डीएसपी राजगढ़ के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है ।

डलहौज़ी हलचल (मंडी) : सिरमौर जिला के राजगढ़ के डीएसपी द्वारा टेलीफोन पर अनुसूचित जाति समाज के चिंतक एवं युवा कोली समाज हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष को अपमानित कर नीचा दिखाने का प्रयास किया गया यही नहीं डीएसपी ने कोली समाज हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष पर समाज को बांटने के भी आरोप लगाये।

इस सम्बन्ध में लीलाधर चौहान, प्रदेशअध्यक्ष युवा कोली समाज हिमाचल प्रदेश ने पुलिस अधीक्षक जिला सिरमौर को एक पत्र लिख कर डीएसपी राजगढ़ के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है । पत्र के माध्यम से उन्होंने कहा है कि डीएसपी राजगढ़ भीषम ठाकुर द्वारा टेलीफोन पर उन्हें अपमानित कर नीचा दिखाने का प्रयास किया गया तथा उन पर समाज को बांटने के आरोप भी लगाए गए जिस पर उन्होंने अफसोस जताया है।

उन्होंने कहा कि हमने राजगढ़ से जुड़े हुए राजकुमार नामक युवक के साथ एट्रोसिटी मामले संबंधी स्पष्टीकरण बारे डीएसपी साहब को फोन लगाया था मगर साहब ने नहीं सुना। कुछ समय बाद साहब का फोन आया तो हमने उपरोक्त एट्रोसिटी मामले के संबंध में कुछ बातें पूछी मगर साहब आग बबूला हो गए। उन्होंने कहा कि पीड़ित राजकुमार द्वारा हमें एक शिकायत पत्र के माध्यम से अपनी आपबीती बताई जिसमें उन्होंने डीएसपी राजगढ़ की कार्यवाही पर सवाल उठाए है । उन्होंने बताया कि 18 /08/ 2020 को उनके साथ सामान्य वर्ग के कुछ लोगों ने पत्थर से जानलेवा हमला किया जिस पर एट्रोसिटी एक्ट के तहत मामला भी दर्ज है मगर साहब ने स्पष्ट जांच नहीं की जिससे आरोपी पीड़ित पक्ष को परेशान करके जान से मारने की धमकियां भी दे रहे हैं ।


पीड़ित ने बताया कि उनके साथ सामान्य वर्ग के लोगों द्वारा एट्रोसिटी के मामले में डीएसपी ने उनका बयान स्वयं दर्ज नहीं किया है बल्कि एसएचओ के माध्यम से पूरी कार्रवाई अमल में लाई है जो संविधान के खिलाफ है जिस पर हमने साहब से थोड़ा सा स्पष्टीकरण मांगा था मगर साहब तो हमें अपमानित करने ही लग गए । यहां तक कि हमें समाज को बांटने का जिम्मेदार भी ठहराया जिसकी हमने ऑटो रिकॉर्ड के माध्यम से रिकॉर्डिंग की है।

उन्होंने कहा कि सामाजिक पीड़ा को समझने वाले किसी समाजसेवी या संगठन से जुड़े हुए पदाधिकारी को आपके पुलिस के अधिकारी अगर इस तरह से अपमानित करने लग गए तो फिर समाज का चिंतन कौन करेगा। हिमाचल प्रदेश सरकार में सभी जातियों के कल्याण बोर्ड बने हुए हैं जिसकी जवाबदेही सरकार की बनती है ।

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