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मंडी

दो साल की बेटी के साथ झोपड़ी व तिरपाल के सहारे जिंदगी जीने को मजबूर है रीना

ManMahesh
25 Aug 2020 4:29 AM GMT
दो साल की बेटी  के साथ झोपड़ी व तिरपाल के सहारे जिंदगी जीने को मजबूर है रीना
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रीना का पति सुरेंद्र कुमार अपनी नशेड़ी आदतों के कारण कभी-कभी घर भी नहीं आता है और उसकी पत्नी को अकेले ही अपनी 2 वर्षीय बेटी को लेकर रात गुजारनी पड़ती है।

डलहौज़ी हलचल (मंडी) : उपमंडल सरकाघाट की पिंगला पंचायत में 32 साल की रीना को अपनी दो साल की बेटी प्रियंका के साथ जंगल में झोंपड़ी बनाकर अपनी जिंदगी गुजारने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्हें सर ढकने के लिए झोंपड़ी पर बिछी तिरपाल का ही सहारा है, उस पर न बिजली है न पानी। रीना का पति सुरेंद्र कुमार अपनी नशेड़ी आदतों के कारण कभी-कभी घर भी नहीं आता है और उसकी पत्नी को अकेले ही अपनी 2 वर्षीय बेटी को लेकर रात गुजारनी पड़ती है। रीना दिन में काम कर रात को बच्ची और अपने लिए खाने का प्रबंध करती है।

रीना के पति सुरेंद्र कुमार के पिता ने 2 शादियां की हैं और सुरेंद्र कुमार उसकी पहली पत्नी की संतान है। पिता की भी मृत्यु हो गई है। रीना देवी के पति सुरेंद्र कुमार को जब उसकी सौतेली मां ने घर से निकाल दिया तो उसने जंगल में झोपड़ी बना ली। लेकिन नशे का आदी सुरेंद्र कभी कभार ही घर आता है। पंचायत ने इनको बीपीएल में शामिल किया है तथा घर बनाने के लिए भी कार्रवाई शुरू की है, लेकिन इनके पास न आधार नंबर है न बैंक खाता। इसके बिना पंचायत के लिए भी कार्य करना मुश्किल हो गया है।



पिंगला पंचायत की प्रधान अनिता शर्मा ने बताया कि सुरेंद्र कुमार कभी कभी घर भी नही आता है। उसने न आधार कार्ड बनाया है और न ही उसका कोई बैंक खाता है। 2019 में इनको बीपीएल सूची में शामिल किया गया है। पंचायत ने राजीव गांधी आवास योजना के तहत मकान बनाने के लिए अनुशंसा कर दी गई है। इनके आधार कार्ड और बैंक खाते खुलवाने के बीड़ा समाजसेवी सुनील कुमार शर्मा ने उठाया है।

उधर खंड विकास अधिकारी गोपालपुर त्रिवेंद्र चनौरिया ने बताया कि सुरेंद्र कुमार को घर बनाने के लिए सरकार से राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।

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