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सिरमौर में पहले होम्योपैथी, एलर्जी स्वास्थ्य केन्द्र का डीसी ने किया शुभारंभ

ManMahesh
17 Sep 2020 7:50 AM GMT
सिरमौर में पहले होम्योपैथी, एलर्जी स्वास्थ्य केन्द्र का डीसी ने किया शुभारंभ
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उपायुक्त सिरमौर डॉ.आर.के.परूथी ने जिला के पहले होम्योपैथी, एलर्जी स्वास्थ्य केन्द्र का आज नाहन, दिल्ली गेट के समीप आयुर्वेदिक अस्पताल में शुभारंभ किया।


डलहौज़ी हलचल (नाहन) डॉ. प्रखर गुप्ता : उपायुक्त सिरमौर डॉ.आर.के.परूथी ने जिला के पहले होम्योपैथी, एलर्जी स्वास्थ्य केन्द्र का आज नाहन, दिल्ली गेट के समीप आयुर्वेदिक अस्पताल में शुभारंभ किया।

स्वास्थ्य केन्द्र में निःशुल्क उपलब्ध करवाई जाएगी दवाईयां

उन्होंने बताया कि इस क्लीनीक में सप्ताह के हर वीरवार के दिन डॉ. राज कुमार शर्मा वरिष्ठ होम्योपैथिक हर प्रकार के श्वास, त्वजा, ड्रग एलर्जी व फूड की एलर्जी से संबंधित मरीजों की जांच करेंगे। उन्होंने बताया कि एलर्जी स्वास्थ्य केन्द्र में एलर्जी से संबंधित मरीजों को दवाईयां निःशुल्क उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंनें बताया कि इस स्वास्थ्य केन्द्र के खुलने से जिला मंे एलर्जी से संबंधित रोगियों को आयुर्वेदिक विभाग द्वारा बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान की जाएगी। इस मौके पर उपायुक्त द्वारा स्वास्थ्य केन्द्र में उपचार के लिए आए मरीजों को निःशुल्क दवाईयां व एलर्जी से संबंधित बुकलेट प्रदान किए।


इस अवसर पर जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. राजेन्द्र देव शर्मा ने बताया कि शरीर के प्रतिरोधी तंत्र की अत्यधिक एवं अनावश्यक प्रतिक्रिया को एलर्जी कहते है जो कि आम तौर पर पाए जाने वाले पदार्थों जैसे की धूल, परागकण, ठंडी हवा, पालतू जानवर, दूध, अंडा, मीट, तेज खुशबू, कपड़े, दवाईयां और अन्य खाने पीने की वस्तुंओं एवं कुंछ दवाओं से हो सकती है, कुछ लोगों में तो सूर्य की किरणों से भी त्वजा पर एलर्जी हो सकती है।

वरिष्ठ होम्योपैथिक डॉ. राज कुमार शर्मा ने बताया कि एलर्जी किसी भी व्यक्ति को किसी भी आयु में हो सकती है और बच्चों को अधिक एलर्जी होने की सम्भावना होती है और वयस्कों में एलर्जी उन चीजों से भी होती है जिनसे उन्हें पहले एलर्जी नहीं थी। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति में नाक बहना या नजला, बार-बार छीके आना , आंखे लाल होना, पानी आना व खुजली होना , गले, कान के छिद्रों में खुजली, कान का बंद होना या द्रव भरना, मुह में बलगम आना , होंठ, जीभ व आखों और चहेर पर सूजन, पेट में दर्द, मिती, लल्टी या दस्त, सूखी लाल व रूखी त्वजा, चकते, पित्ती उछलना या छपाकी, सिर दर्द जैसे लक्षण पाए जाए तो वह स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर जांच आवश्य करवाएं।

इस अवसर पर डॉ. ममता जैन, डॉ. मंजूला, डॉ. आशुतोष रंजन सहित आर्युेवेदिक विभाग के कर्मचारी भी मौजूद थे।



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