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अन्तर्राष्ट्रीय मेला श्री रेणुका जी, 2020 में श्रद्धालुओं देवलुओं पुजारियों के लिए प्रशासन ने जारी कि एसओपी

ManMahesh
21 Nov 2020 12:41 PM GMT
अन्तर्राष्ट्रीय मेला श्री रेणुका जी, 2020 में श्रद्धालुओं देवलुओं पुजारियों के लिए प्रशासन ने जारी कि एसओपी
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बिमारी के लक्षण पाए जाने पर सम्बन्धित श्रद्धालू व आमजन को निर्धारित एकान्त कमरे में रखा जाएगा तथा उन्हें कोविड़-19 जांच उपरान्त ही मुक्त किया जाएगा।

डलहौज़ी हलचल (नाहन) : जिला दण्डाधिकारी सिरमौर डॉ.आर.के.परूथी ने अन्तर्राष्ट्रीय मेला श्री रेणुका जी, 2020 के लिए श्रद्धालुओं, देवलुओं, पुजारियों, बजंतरियों, कारदारों के लिए एसओपी जारी की है। उन्होने बताया कि भगवान परशुराम की आने वाली 4 देव पालकियों के साथ आने वाले देवलुओं,कारदारों,बजन्तरियों आदि को प्रति पालकी 15 व्यक्तियों की अनुमति होगी तथा समस्त देवलुओं कारदारों बजन्तरियों को हर समय मास्क पहनना, व उचित सामाजिक दूरी का पालन करना अनिवार्य होगा। 25 नवम्बर से देव पालकी के साथ 4 से अधिक देवलु,कारदार, बजन्तरी आदि को निर्धारित स्थान पर रहने की अनुमति नहीं होगी।

उन्होने बताया कि देव पालकी में आने वाले देवलु,कारदार, बजन्तरियों आदि को अनिवार्य रूप से कोविड़-19 जांच करवाना अनिवार्य होगा व अपने साथ कोविड रिपोर्ट, पहचान पत्र भी रखना होगा, तत्पश्चात ही उन्हें देव पालकी के साथ आने की अनुमति होगी। देव पालकियाँ को प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्ग द्वारा ही श्री रेणुका जी विकास बोर्ड के कार्यालय में पहुंचना होगा तथा देव पालकियों को रास्ते में कहीं भी रूकने की अनुमति नहीं होगी। पुलिस सुरक्षाकर्मी पालकियों के साथ रहेंगे तथा देव पालकियों के साथ आने वाले देवलु,कारदार,बजन्तरियों व आमजनों को प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करवाना सुनिश्चित करेगें।

उन्होने बताया कि पुजारियों द्वारा मन्दिर परिसर में किसी प्रकार की पूजा अर्चना नहीं की जाएगी तथा प्रसाद बांटने, मोली बान्धना आदि पर पूर्ण प्रतिबन्ध रहेगा पुजारियों को सुरक्षित सामाजिक दूरी हर वक्त मास्क पहनना, हाथों को उचित प्रकार से सेनिटाईज के प्रोटोकॉल का पूर्णतया पालन करना होगा। मन्दिर परिसर में किसी भी प्रकार के हवन करने की अनुमति नहीं होगी।

उन्होने बताया कि निर्धारित स्नानाघाट पर एक समय में 26 से अधिक श्रद्धालुओं को स्नान की अनुमति नहीं होगी, जिसमें कि निर्धारित पुरुष स्नानाघाट पर एक समय में 16 पुरूषों व महिला स्नानाघाट पर 10 महिलाओं को स्नान करने की अनुमति होगी। स्नान का समय प्रति व्यक्ति 3 मिनट से अधिक नहीं होगा। स्नान के दौरान सामूहिक तोलिए का प्रयोग करना पूर्णतयाः वर्जित होगा श्रद्धालु व आमजन गेट न० 1 नजदीक रेणुका विकास बोर्ड से प्रवेश करेगें तथा गेट 2 टूरिज्म होटल की तरफ से बाहर जाएगें।

उन्होने बताया कि सफाई व्यवस्था के लिए कर्मचारियों को निर्धारित वर्दी में ड्यूटी करनी होगी। सफाई ठेकेदार दिन में 3 बार सम्पूर्ण मेला परिसर को सैनिटाईज व सफाई करना सुनिश्चित करेगें।सफाईकर्मी कुड़ा-करकट को अविलम्ब निर्धारित डिस्पोजल स्थान पर ड्िस्पोज करेगें समस्त सफाई कर्मचारी को सुरक्षित सामाजिक दूरी, हर वक्त मास्क पहनना, हाथों को उचित प्रकार से सेनिटाईज के प्रोटोकॉल का पूर्णतया पालन करना होगा। सफाई कर्मचारी अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखेंगे व किसी भी बिमारी के लक्षणों को आवश्यक रूप से सम्बन्धित स्वास्थ्य अधिकारियों की के ध्यान में लाएंगे।

उन्होने बताया कि मेले के दौरान कोरोना महामारी को फैलने से रोकने के लिए श्रद्धालुओं को प्रशासन द्वारा जारी एसओपी का पालन करना अनिवार्य होगा। शोभा यात्रा अथवा मेले में आने वाले सभी देवलुओं तथा आमजनों को हर समय मास्क लगाना या चेहरे को ढकना अनिवार्य होगा तथा समाजिक दूरी के नियमों का पालन करना अत्यन्त आवश्यक होगा। सभी देवलुओं को अनिवार्य रूप से हाथ धोना अथवा सैनिटाईज करना व स्वच्छता का पालन करना अनिवार्य होगा। देवी-देवताओं के मन्दिर में दर्शन हेतु निर्धारित स्थान से दर्शन करना होगा तथा मूर्ति अथवा पालकी को छूना वर्जित होगा। दर्शन हेतु कतार में चिन्हित स्थानों पर खड़े होना अनिवार्य होगा। उन्होने बताया कि प्रतिदिन प्रातः व सांय को सभी मन्दिरों को सैनिटाईज किया जायेगा। उपयोग किए गए मास्क, दस्ताने इत्यादि के निस्तारण हेतु अलग से कूड़ेदानों को चिन्हित कूड़ेदानों में डालना सुनिश्चित करना होगा।

उन्होने बताया कि सभी श्रद्धालुओं व आमजन प्रशासन द्वारा निर्धारित किए गए प्रवेश व निकासी द्वार से ही आना-जाना सुनिश्चि करेंगे। शोभा यात्रा व देवताओं के साथ आने जाने वाले सभी देवलुओं व बजतरियों के लिए कोरोना (कोविड-19) जांच करवाना अनिवार्य होगा व श्रद्धालु तथा देवालु आरोग्य सेतु ऐप का उपयोग करेंगे व प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थानों पर तापमान की जांच करवाना, हाथ धोना व सैनिटाईज करना सुनिश्चित करेंगे। सभी देवलुओं कारगारों बजतरी जो देवताओं के साथ मेले में भाग लेने हेतु आऐंगे वे अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखेंगे व किसी भी बिमारी के लक्षणों को आवश्यक रूप से सम्बन्धित स्वास्थ्य अधिकारियों के ध्यान में लाऐंगे।

उन्होने बताया कि 65 वर्ष की आयु के व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं व 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों को मेले में न आने का परामर्श दिया गया है। मेला स्थल व आस-पास के सार्वजनिक क्षेत्रों में थूकना तथा उपयोग में लाये हुए मास्क को ईधर-उधर फैंकना पूर्ण रूप से प्रतिबन्धित रहेगा व अवमानना पर नियमानुसार सख्त कार्यवाही की जायेगी। इसके अतिरिक्त यदि इन आदेशों की अवहेलना की जाती है तो नियमानुसार दण्डात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाएगीं। मेला स्थल व आस-पास के सार्वजनिक क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की चलती-फिरती दुकान, प्रसाद बांटना, नई दुकान लगाने आदि पर पूर्ण रूप से प्रतिबन्ध रहेगा व अवमानना पर नियमानुसार सख्त कार्यवाही की जाएगी। मेला स्थल व आस-पास के स्थानों पर पहले से उपलब्ध दुकानदारों को प्रशासन द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया(ैव्च्) का पूर्णतया पालन करना होगा तथा दुकान के बाहर किसी भी प्रकार के सामान रखने की अनुमति नहीं होगी। अवेहलना करने वाले दूकानदार की दूकान को मेला अवधि के लिए बन्द कर दिया जाएगा।

उन्होने बताया कि कार्यकारी अधिकारी, श्री रेणुका जी विकास बोर्ड द्वारा कोर बन्धित उपयोग किए गए पदार्थ अर्थात मास्क, दस्ताने इत्यादि के निस्तारण हेतु अलग से कूड़ेदानों को चिन्हित किया जाएगा तथा इस प्रकार के पदार्थों को इन्हीं चिन्हित कूड़दानों में डालना सुनिश्चित किया जाएगा।सभी श्रद्धालुओं व आमजन प्रशासन द्वारा निर्धारित किए गए प्रवेश व निकासी द्वार से ही आना-जाना सुनिश्चित करेंगे।

उन्होने बताया कि सभी श्रद्धालुओं व आमजन अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखेंगे व किसी भी बिमारी के लक्षणों को आवश्यक रूप से सम्बन्धित स्वास्थ्य अधिकारियों की के ध्यान में लाएंगे। पहले से बिमारी के लक्षण वाले श्रद्धालुओं व आमजन को मेले में न आने की हिदायत दी जाती है। बिमारी के लक्षण पाए जाने पर सम्बन्धित श्रद्धालू व आमजन को निर्धारित एकान्त कमरे में रखा जाएगा तथा उन्हें कोविड़-19 जांच उपरान्त ही मुक्त किया जाएगा।


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