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''नई राहें नई मंंिजल योजना के अर्न्तगत 3.32 करोड से नोहराधार-चूड़धार ट्रेक रूट को किया जाएगा विकसित: डा. परूथी

ManMahesh
3 Nov 2020 12:13 PM GMT
नई राहें नई मंंिजल योजना के अर्न्तगत 3.32 करोड से नोहराधार-चूड़धार ट्रेक रूट को किया जाएगा विकसित: डा. परूथी
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चूड़धार ट्रेक को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा जिसमें एनजीओ, महिला मंडलों , ग्राम पंचायतों को इस अभियान में शामिल कर पॉलीब्रिक्स के माध्यम से कचरे के पुनर्चक्रण करने के लिए लोगो को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

डलहौज़ी हलचल (नाहन ) : मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में वित्तीय वर्ष 2018-19 में ''नई राहें नई मंजिलें योजना'' को शामिल किया। इस योजना के अंतर्गत वर्तमान वित वर्ष में 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत जिला सिरमौर में प्रसिद्ध नोहराधार-चूड़धार ट्रेक रूट को 3 करोड़ 32 लाख रूपये से विकसित किया जाएगा यह जानकारी उपायुक्त सिरमौर डा. आर.के. परूथी ने इस योजना के कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए गत 1 और 2 नवंबर, 2020 को चूड़धार का दौरा करने के उपरांत दी।

उन्होने बताया कि ''नई राहें नई मंंिजलें योजना अनछुए पर्यटन स्थलों को विकसित करने के लिए वर्तमान सरकार की प्रमुख योजना है। जिला सिरमौर मेें पर्यटन को और बढावा देने के लिए इस योजना के अंतर्गत नोहराधार-चूड़धार ट्रेक रूट का चयन किया गया जिसे शीघ्र ही विकसित किया जाएगा। इस रूट में पर्यटको की सुविधा के लिए विश्राम स्थलों, कैफेटेरिया, सार्वजनिक सुविधाओं, रूट चिन्ह जैसी बुनियादी सुविधाओं को विकसित कर चूडधार यात्रा को सुरक्षित और आरामदायक बनाया जाएगा।

उपायुक्त ने बताया कि इस 14 किलोमीटर लम्बे टेªक रूट को विकसित करने के लिए 3 करोड 32 लाख रूपये की राशि को मजूंरी के लिए भेजा गया है नोहराधार से चूड़धार तक ट्रेक मार्ग के विकास के लिए वर्षा शालिका, हाथ रेलिंग और ट्रैकर हट आदि का भी निर्माण किया जाएगा। यह परियोजना स्थानीय लोगो के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगी जिससे इस क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां तो बढेगी और साथ ही आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

डा. परूथी ने बताया कि चूड़धार धार्मिक, पर्यटन और प्रकृति की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है, यह वास्तव में महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो रहा है जहां हर साल स्थानीय लोगों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से भी हजारों पर्यटक इस स्थल को देखने आते हैं। इस स्थल का धार्मिक महत्व भी है क्योंकि यहां चुडेश्वर देवता का प्रसिद्ध मंदिर हैं इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि यहां सभी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हों।

डा. परूथी ने स्थानीय दुकानदारों और ढाबा मालिकों को प्लास्टिक और अन्य कचरे को इकट्ठा करने और पॉलीब्रिक्स बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने स्थानीय लोगों को पालीब्रिक्स बनाने का तरीका भी सिखाया। उन्होंने प्रकृति को संरक्षित करने और स्थानीय निवास स्थान को खराब होने से बचाने, वन्यजीवों, वनस्पतियों की रक्षा करने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि क्षेत्र के इको सिस्टम पर बुरा प्रभाव न पड़े।

उन्होने कहा कि अगले साल चूड़धार ट्रेक को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा जिसमें एनजीओ, महिला मंडलों , ग्राम पंचायतों को इस अभियान में शामिल कर पॉलीब्रिक्स के माध्यम से कचरे के पुनर्चक्रण करने के लिए लोगो को प्रशिक्षण दिया जाएगा।


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