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शिमला

अब लक्षण या गंभीर रोग से पीडि़त का ही होगा कोरोना टेस्ट

ManMahesh
17 Sep 2020 3:30 AM GMT
अब लक्षण या गंभीर रोग से पीडि़त का ही होगा कोरोना टेस्ट
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मंत्रिमंडल की बैठक में हुए बार्डर खोलने और क्वारंटाइन सेंटर बंद करने के फैसले को लेकर राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है।

डलहौज़ी हलचल (शिमला) : मंत्रिमंडल की बैठक में हुए बार्डर खोलने और क्वारंटाइन सेंटर बंद करने के फैसले को लेकर राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। वहीँ प्रदेश में अब कोरोना के लक्षण होने या फिर गंभीर रोग से पीडि़त मरीजों के ही कोरोना टेस्ट होंगे। इस संबंध में बुधवार को स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश जारी कर दिए हैं। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) और केंद्र सरकार पहले ही इस संबंध में निर्देश जारी कर चुके हैं। डिस्चार्ज पॉलिसी के लिए भी निर्देशों का पालन प्रदेश सरकार पालन करेगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) आरडी धीमान ने कहा कि राज्य में दस दिन के बाद मरीजों का टेस्ट लेने के बाद ही डिस्चार्ज कर रहे थे। अब ऐसा नहीं होगा। कोरोना के लक्षण होने या गंभीर रोग होने पर तत्काल टेस्ट होगा। हालांकि क्वारंटाइन के नियम पहले की तरह ही रहेंगे। उनमें कोई बदलाव नहीं होगा।

प्रदेश में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआइआर) कसौली की मदद से शिमला, टांडा, नालागढ़, ऊना और नाहन में पांच जगह अस्थायी अस्पताल बनेंगे। शुरू में ये अस्पताल 50 बिस्तर वाले होंगे। यहां कोरोना के मरीजों का इलाज होगा।

इसके साथ ही राज्य सरकार इंटरस्टेट बस सेवा शुरू करने की तैयारी में है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने परिवहन विभाग को एसओपी तैयार करने के आदेश जारी किए हैं। अधिसूचना को संबंधित विभागों के मुखियाओं और जिलाधीशों को भी भेज दिया गया है। इसके बाद से अब हिमाचल के सभी बार्डर पर फ्री मूवमेंट शुरू हो गई है।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट बसों को छोड़, अब सभी वाहन हिमाचल के अंदर आ रहे हैं व बाहर जा रहे हैं। इसके अलावा अन्य सामान के वाहनों का भी बेरोकटोक आना-जाना शुरू हो गया है। बार्डर के खुल जाने से आर्थिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। सरकार की ओर से हिमाचल पथ परिवहन निगम के अधिकारियों को प्रदेश से बाहर बसें चलाने के लिए एसओपी बनाने के लिए कहा गया है, ताकि इंटरस्टेट बसों को चलाया जा सके।

अन्य राज्य से आने पर अब ई-पास की जरूरत नहीं होगी और पर्यटकों को बैरियर पर नहीं रोका जाएगा। पर्यटक जिस होटल या रेस्तरां में जाएंगे वहां थर्मल स्कैनिंग से गुजरना पड़ेगा। बुधवार को शिमला स्थित विधानसभा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए पर्यटन क्षेत्र को खोला गया है। अब पर्यटकों को कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट साथ लाने की जरूरत नहीं है। नवरात्र में मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाने की जरूरत रहेगी। उस दिशा में पहले से मंदिर प्रबंधन समितियों व जिला उपायुक्तों को सूचित कर दिया गया है।

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