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सिरमौर

शहीद प्रशांत ठाकुर को राजकीय व सैन्य सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई

ManMahesh
20 Aug 2020 11:09 AM GMT
शहीद प्रशांत ठाकुर को राजकीय व सैन्य सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई
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श्रीरेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र के बलिदानी प्रशांत ठाकुर की पार्थिव देह वीरवार को घर पहुंची। श्रीनगर में मौसम खराब होने के कारण बुधवार को पार्थिव देह घर नहीं पहुंच सकी थी ।

डलहौज़ी हलचल (पांवटा) अनुराग गुप्ता : श्रीरेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र के बलिदानी प्रशांत ठाकुर की पार्थिव देह वीरवार को घर पहुंची। श्रीनगर में मौसम खराब होने के कारण बुधवार को पार्थिव देह घर नहीं पहुंच सकी थी । बुधवार शाम करीब सात बजकर 45 मिनट पर देहरादून एयरपोर्ट पर शहीद की पार्थिव देह लेकर एयरक्रॉफ्ट पहुंचा। पार्थिव देह को आर्मी अस्पताल देहरादून में रखवा दिया गया जिसके बाद यहाँ से वीरवार सुबह वाहन के माध्यम से शहीद प्रशांत ठाकुर की पार्थिव देह को पैतृक गांव के लिए रवाना किया गया।

प्रशांत ठाकुर की पार्थिव देह 11:00 बजे पांवटा साहिब पहुंची। पांवटा साहिब से करीब 1 घंटे में पैतृक गांव गवाना पहुंची। रास्‍ते में भी वीर सपूत को जगह-जगह लोगों ने श्रद्धांजलि दी। प्रशांत ठाकुर अमर रहे के नारों की गूंज सुनाई पड़ रही थी। पांवटा साहिब से सिरमौर पुलिस की टुकड़ी एस्कॉर्ट के साथ पार्थिव देह को लेकर गांव पहुंची । घर में एक घंटे तक पार्थिव देह के अंतिम दर्शन करने के पश्चात शहीद प्रशांत ठाकुर को राजकीय व सैन्य सम्मान के साथ गिरी नदी किनारे अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान सैंकड़ों लोगों ने अपने वीर सपूत को नम आँखों के साथ अंतिम विदाई दी।

प्रशांत ठाकुर का जन्म ठाकर गवाना गांव में हुआ था जो रेणुका-सतौन मार्ग पर चांदनी के समीप एक छोटा गांव है। शहीद प्रशांत ठाकुर की माता रेखा देवी व पिता सुरजन सिंह के अलावा भाई विशाल के अलावा रिश्तेदार व अन्य परिजन ही नहीं अपितु पूरा क्षेत्र शोक में डूबा हुआ है। परिजन प्रशांत की शादी की तैयारियों के सपने संजोए हुए थे तथा कुछ समय बाद प्रशांत की शादी को लेकर परिवार तैयारियां कर रहे थे। लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था और महज 24 वर्ष की आयु में प्रशांत ठाकुर सोमवार रात जम्मू-कश्मीर के बारामुला में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हो गए ।

सिरमौर जिला के साथ साथ पूरा देश शायद ही अपने इस वीर सपूत को भुला पायेगा।

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