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सोलन शहर के साथ लगती आठ पंचायतो के जन प्रतिनिधियों ने निकाली रोष रैली

ManMahesh
7 Sep 2020 9:31 AM GMT
सोलन शहर के साथ लगती आठ पंचायतो के जन प्रतिनिधियों ने निकाली रोष रैली
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सोलन नगर परिषद को नगरनिगम बनाना सरकार के लिए टेडी खीर बनता जा रहा है। ग्रामीणों ने रोष प्रदर्शन कर यह भी जता दिया कि यदि ग्रामीण क्षेत्रो को नगर निगम में शामिल किया तो इसका ख़ामियाज़ा सरकार को आगामी चुनावो में भुगतना पड़ेगा।

डलहौज़ी हलचल (सोलन) अमरप्रीत सिंह : सोलन नगर परिषद को नगरनिगम बनाना सरकार के लिए टेडी खीर बनता जा रहा है। ग्रामीणों ने रोष प्रदर्शन कर यह भी जता दिया कि यदि ग्रामीण क्षेत्रो को नगर निगम में शामिल किया तो इसका ख़ामियाज़ा सरकार को आगामी चुनावो में भुगतना पड़ेगा। सोलन ग्रामीण संघर्ष समिति के सैंकड़ो ग्रामीणों ने आज नए उपायुकत कार्यालय से पीडब्लूडी रैस्ट हाउस तक रैली निकालकर रोष प्रदर्शन किया। यह रोष प्रदर्शन ग्रामीणों द्वारा सोलन शहर के साथ लगती आठ पंचायतों को नगर निगम में सम्मलित करने के विरोध में था।

सबसे पहले संघर्ष समिति के सदस्यों ने उपायुक्त सोलन को ज्ञापन सौंपा और उसके बाद नगर निगम में पंचायतों को सिमलित करने के विरोध में सांकेतिक रैली निकाली। रैली में आठ पंचायतों के 84 गांव के सैंकड़ो ग्रामीणों ने जमकर नारेबाज़ी की। रैली के माध्यम से ग्रामीणों ने नगर निगम का पुरजोर विरोध किया। रैली के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में फर्क है। एक तरफ तो सरकार कह रही है की नगरपरिषद के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को नगर निगम में नहीं जोड़ा जायेगा तो वहीँ दूसरी तरफ नोटिफिकेशन जारी करके आपत्तियां मांगी जा रही है। ग्रामीणों ने कहा कि वे किसी भी हालत में नगर निगम में नहीं जुड़ेंगे।

हालांकि कोरोना महामारी के चलते लागु सामाजिक दूरी के नियम की रोष रैली में जमकर धज्जियाँ उड़ाई गई । सोलन ग्रामीण संघर्ष समिति के अध्यक्ष मनोज वर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार व् प्रशासन की कथनी व् करनी में फर्क उन्होंने कहा कि आठ पंचायतों के 84 गांव के लोगोनगरनिगम में विलय होने का विरोध कर रहे है औरआज तो नगर निगम में ग्रामीण क्षेत्रो को सिमलित करने के विरोध आज यह सांकेतिक रैली निकाली गई है उन्होंने कहा कि यदि सरकार अपना यह फेंसला वापिस नहीं लेती है तो इसका ख़ामियाज़ा आने वाले चुनावो में इस सरकार को उठाना पड़ सकता है ।

वही रैली में भाग लेने आई हुई महिलाओ ने अपना विरोध दर्ज करवाते हुए कहा कि चाहे कुछ भी हो जाये वह अपने पाने गांव को नगरनिगम में नहीं मिलने देंगे


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