Top
राष्ट्रीय

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की दूसरी पुण्यतिथि आज, हिमाचल से था विशेष लगाव

ManMahesh
16 Aug 2020 3:16 AM GMT
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की दूसरी पुण्यतिथि आज, हिमाचल से था विशेष लगाव
x
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आज दूसरी पुण्यतिथि पर आज पूरा देश उन्हें याद कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पूर्व पीएम को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि ये देश अटल जी के योगदान को कभी नहीं भुला सकता।
डलहौज़ी हलचल ( ब्युरो) : पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आज दूसरी पुण्यतिथि पर आज पूरा देश उन्हें याद कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पूर्व पीएम को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि ये देश अटल जी के योगदान को कभी नहीं भुला सकता।पीएम मोदी ने अपने ट्विटर अकाउंट से एक वीडियो संदेश शेयर करते हुए लिखा, 'प्यारे अटल जी को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि। भारत हमेशा उन्हें उनकी उत्कृष्ट सेवा और राष्ट्र की प्रगति के प्रयासों के लिए याद रखेगा।' उन्होंने 1।48 मिनट का एक ऑडियो विजुअल संदेश भी शेयर किया है।

इस संदेश की शुरुआत वाजपेयी की मशहूर कविता- हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा से शुरू होती है। उसके बाद पीएम मोदी की आवाज पीछे से आती है। इसमें वे कहते हैं कि अटल जी के योगदान को देश कभी नहीं भुला पाएगा। भारत को उन्होंने परमाणु शक्ति बनाया। उन्होंने कहा कि एक नेता के रूप में, सांसद के रूप में, मंत्री के रूप में और प्रधानमंत्री के रूप में अटल जी हमेशा सभी के लिए आदर्श रहे।

अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 25 दिसंबर, 1924 को हुआ था। अटल बिहारी वाजपेयी एकमात्र ऐसे नेता थे, जिन्होंने जवाहर लाल नेहरू के बाद प्रधानमंत्री पद तीन बार संभाला। वाजपेयी सबसे पहले 1996 में 13 दिन के लिए प्रधानमंत्री बने थे और उसके बाद 1998 में उन्होंने केंद्र में 13 महीनों की सरकार चलाई थी।

1999 में वह तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने और 2004 में एनडीए की हार तक इस पद पर बने रहे। उनके कार्यकाल में भारत ने परमाणु परीक्षण कर यह क्षमता हासिल की। साथ ही कारगिल में हुई पाकिस्तानी घुसपैठ को रोककर भारत ने पड़ोसी देश को धूल चटाई थी।

हिमाचल से था खास लगाव

अटल बिहारी वाजपेयी का हिमाचल प्रदेश से खासा लगाव था। इसका कारण मनाली में उनका दूसरा आशियाना भी था। अटल ने प्रीणी गांव में घर बनाया था। प्रीणी गांव के लोग उन्हें अपना मुखिया मानते थे। यहां पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की लाहुल-स्पी‍ति के कुछ लोगों से अच्छीन मित्रता भी थी। जिन्हों ने अटल से रोहतांग सुरंग की मांग की थी। इस पर तत्का लीन प्रधानमंत्री ने कार्रवाई शुरू की थी। अटल जी के प्रयास से रोहतांग सुरंग के छोर तक सड़क पहुंचा दी गई।

पसंदीदा जगह होने के कारण वाजपेयी का नाता मनाली से पहले से ही था। बेटी की शादी होने के बाद ये रिश्ता और प्रगाढ़ हुआ। उनके दामाद रंजन भट्टाचार्य हिमाचली हैं। इसकी वजह ये है कि रंजन के माता- पिता डाक्टर होने के कारण कई साल हिमाचल में रहे।

रिज मैदान के पदमदेव कांप्लेक्स में लवीना रेस्तरां के ऊपर भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इस प्रतिमा में 6.5 फीट का पेडस्टल और आठ फीट की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। 25 दिसंबर को अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर इस प्रतिमा का लोकार्पण किया जाएगा।

Next Story