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कृषि विधेयकों का विरोध किसानों को गुमराह करने के लिए: किशन कपूर

ManMahesh
25 Sep 2020 11:23 AM GMT
कृषि विधेयकों का विरोध किसानों को गुमराह करने के लिए: किशन कपूर
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कांगड़ा -चंबा लोकसभा क्षेत्र के सांसद किशन कपूर ने कहा है कि कुछ राजनैतिक दलों द्वारा कृषि विधेयकों का विरोध मात्र किसानों को गुमराह करने के लिए किया जा रहा है ।

डलहौज़ी हलचल (नई दिल्ली): कांगड़ा -चंबा लोकसभा क्षेत्र के सांसद किशन कपूर ने कहा है कि कुछ राजनैतिक दलों द्वारा कृषि विधेयकों का विरोध मात्र किसानों को गुमराह करने के लिए किया जा रहा है । उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने वर्ष 2014 से ही किसानों के हितों कि रक्षा के लिए कई सार्थक कदम उठाए हैं जिनके परिणामस्वरूप किसान आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हुए हैं ।

आज यहाँ जारी एक प्रेस-वक्तव्य में सांसद किशन कपूर ने कहा कि संसद द्वारा पारित उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सरलीकरण), कृषक (सशक्तिकरण व संरक्षण) कीमत आश्वासन एवं कृषि सेवा पर करार और आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक सही मायनों में किसानों को अपने फसल के भंडारण, और बिक्री की आजादी देंगे और बिचौलियों के चंगुल से उन्हें मुक्त करेंगे। उन्होंने कहा कि उत्पाद, व्यापारऔर वाणिज्य (संवर्धन एवं सरलीकरण ) विधेयक किसानों को यह अधिकार देगा कि वे अपनी उपज को देश के किसी भी भाग में किसी भी व्यक्ति या संस्था को अपने इच्छित और उचित मूल्य पर बेच पाएँ । उन्होंने कहा कि यह विधेयक एक देश एक बाजार सोच के साथ किसानों कि फसलों की लागत कम कर उनकी आय की वृद्दि का मार्ग प्रशस्त करता है ।

उन्होंने कहा कि इस विधेयक से किसानों कि आढ़तियों पर निर्भरता कम होगी और बिचौलियों का वर्चस्व समाप्त होगा । उन्होंने कहा कि यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि इस विधेयक से सरकार की न्यूनतम समर्थन मूल्य नीति पर कोई नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा जो बिल्कुल निराधार है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने स्पष्ट कर दिया है किया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद बंद नहीं होगी । सांसद किशनकपूर ने कहा कि काँग्रेस और अन्य विरोधी दलों का विरोध केवल राजनैतिक हितों कि पूर्ति से है अन्यथा देश कि आजादी से ले कर वर्ष 2014 तक देश के अन्नदाता का जो हाल था वह किसी से छिपा नहीं ।

सांसद किशन कपूर ने कहा कि काँग्रेस पार्टी और उनके सहयोगी अन्य विपक्षी दल केवल राजनैतिक स्वार्थों कि पूर्ति के लिए किसानों के प्रति झूठी सहानुभूति दर्शाते हैं । निश्चयता ही इस प्रकार के दल जनता में बेनकाब होते हैं ।

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