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सितंबर में ही होंगी नीट और जेईई की परीक्षाएं, सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज की परीक्षाएं टालने की मांग

ManMahesh
18 Aug 2020 3:20 AM GMT
सितंबर में ही होंगी नीट और जेईई की परीक्षाएं, सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज की परीक्षाएं टालने की मांग
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सुप्रीम कोर्ट ने कोविड-19 के मद्देनजर जेईई मैंस अप्रैल, 2020 और नीट -यूजी की सितंबर में होने वाली परीक्षाएं स्थगित करने के लिए दायर याचिका सोमवार को खारिज कर कहा कि छात्रों का कीमती वर्ष बर्बाद नहीं किया जा सकता

डलहौज़ी हलचल (ब्युरो) : सुप्रीम कोर्ट ने कोविड-19 के मद्देनजर जेईई मैंस अप्रैल, 2020 और नीट -यूजी की सितंबर में होने वाली परीक्षाएं स्थगित करने के लिए दायर याचिका सोमवार को खारिज कर कहा कि छात्रों का कीमती वर्ष बर्बाद नहीं किया जा सकता और जीवन चलते रहना है। न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा, न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की तीन सदस्यीय पीठ ने मामले की सुनवाई कर कहा कि छात्रों के शैक्षणिक जीवन को लंबे समय तक जोखिम में नहीं डाला जा सकता। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षाओं के आयोजन का मार्ग प्रशस्त करते हुए पीठ ने कहा,जीवन चलते रहना है। जीवन को आगे बढ़ना है। छात्रों का कीमती साल बर्बाद नहीं किया जा सकता।''

कोरोना को देखते हुए एनटीए पहले ही कई बार परीक्षा की तारीखें आगे बढ़ा चुकी है। पहले ये परीक्षाएं जून में होनी थीं, जो बढ़ते-बढ़ते अब सितंबर में प्रस्तावित हैं। जेईई मेन का आयोजन एक से छह सिंतबर तक और नीट का आयोजन 13 सितंबर को होगा। जेईई एडवांस का आयोजन 27 सितंबर को होना है।

सोमवार को एनटीए की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिलाया कि परीक्षाओं के दौरान कोरोना से बचाव के पूरे इंतजाम किए जाएंगे। इसके बाद न्यायमूर्ति अरुण मिश्र की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने परीक्षाएं रोकने की याचिका खारिज कर दी। पीठ ने कहा, क्या देश में सब कुछ रोक दिया जाए? छात्रों का कीमती एक साल बर्बाद नहीं होने दिया जा सकता। 11 राज्यों के 11 छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कोरोना को आधार बनाते हुए नीट व जेईई टालने की मांग की थी।

याचिका में इन परीक्षाओं के लिए परीक्षा केन्द्रों की संख्या बढ़ाने का भी निर्देश देने का अनुरोध किया गया था। याचिका में दलील दी गयी थी कि संकट के इस दौर में इन परीक्षाओं का आयोजन लाखों युवा छात्रों के जीवन को जोखिम में डालने के अलावा कुछ नहीं है। बेहतर होगा कि अभी कुछ समय और इंतजार कर लिया जाये। कोविड-19 संकट खत्म होने दिया जाएं। याचिकों में दावा किया गया था कि उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए परीक्षायें आयोजित करने वाली एनटीए ने जेईई (मुख्य) अप्रैल, 2020 की परीक्षा ऑन लाइन कराने का फैसला किया है जबकि नीट-यूजी की परीक्षायें देश के 161 केन्द्रों पर ऑफ लाइन प्रक्रिया से होंगी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि एनटीए ने बिहार, असम और पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ के कारण फंसे लाखों छात्रों की दयनीय स्थिति को भी नजरअंदाज कर दिया है।

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