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इंसानियत शर्मसार : रसूखदार बेटों की माँ के हिस्से आई सड़क और फिर दर्दनाक मौत

ManMahesh
20 Aug 2020 4:47 AM GMT
इंसानियत शर्मसार : रसूखदार बेटों की माँ के हिस्से आई सड़क और फिर दर्दनाक मौत
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बीते दिनों पंजाब के मुक्तसर में एक बुजुर्ग महिला लावारिस हालत में मिली। मुक्तसर के बूड़ा गुज्जर रोड पर मिली इस बुजुर्ग महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई लेकिन जब इस महिला की पहचान उजागर हुई तो हर कोई सतब्ध रह गया।

डलहौज़ी हलचल (मुक्तसर) : बीते दिनों पंजाब के मुक्तसर में एक बुजुर्ग महिला लावारिस हालत में मिली। मुक्तसर के बूड़ा गुज्जर रोड पर मिली इस बुजुर्ग महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई लेकिन जब इस महिला की पहचान उजागर हुई तो हर कोई सतब्ध रह गया। महिला का नाम महिंदर कौर था और महिला की पारिवारिक पृष्ट भूमि ऐसी नहीं थी की इसकी इस तरह से मौत हो जाए और इंसानियत शर्मसार हो जाए । महिंदर कौर का बड़ा बेटा राजविंदर सिंह राजा पावरकॉम में जेई के पद से रिटायर हुआ है और हाल ही में राजनीतिक दल में शामिल हुआ था। छोटा बेटा बलबिन्दर सिंह एक्साइज एंड टेक्सेशन विभाग में क्लर्क है। बुजुर्ग महिला की पोती पूनम सिंह फरीदकोट में एसडीएम के पद पर तैनात है।

लेकिन बच्चों की अनदेखी की शिकार और 82 साल की हो चुकी महिंदर कौर आज इस हाल में थी की उसके सिर में धीरे-धीरे कीड़े पड़ चुके थे । सडक पर वह बेसुध रहने लगी और आखिरकार एक दिन सड़क पर निढाल होकर गिर पड़ी। कई दिनों तक वह सड़क के किनारे ही पड़ी रही। आखिर सामाजिक संगठन सालासर सेवा सोसायटी को इसकी सूचना मिली तो उन्होंने बुजुर्ग को अस्पताल में भर्ती करवाया। यहीं पर उसकी पहचान उजागर हुई। लेकिन इलाज के दौरान महिंदर कौर की मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार, महिला के दोनों बेटे करीब तीस साल से अलग रह रहे हैं। इन्होंने मां को अपने पास रखने की बजाय उसे बूड़ा गुज्जर रोड पर एक मंदिर के नजदीक एक व्यक्ति के पास देखभाल के लिए छोड़ दिया था। उस व्यक्ति ने भी बाद में बुजुर्ग को बेसहारा छोड़ दिया था।

पिछले दिनों जब वह सड़क पर मिली तो सालासर सेवा सोसायटी ने उसे अस्पताल में दाखिल करवाया। बाद में बुजुर्ग का छोटा बेटा बल¨वदर सिंह उसे इलाज के लिए फरीदकोट ले गया, जहां बुजुर्ग की मौत हो गई। बलबिन्दर सिंह का कहना है कि उसकी पत्नी बीमार रहती है। वह डॉयलसिस पर है। उसका एक बेटा है। मां की देखभाल करने वाला घर में कोई भी नहीं था, इसलिए उसने मां की देखभाल के लिए एक व्यक्ति को रखा था, लेकिन उसने ध्यान नहीं रखा, जिससे यह हालत हुई।

वहीँ बेसहारा बुजुर्ग मां का मामला सामने आने के बाद अनदेखी करने वाले उनके बेटों के खिलाफ समाज के विभिन्न वर्गों में आक्रोश है। स्थानीय लोगों ने एक लोक चेतना मंच बनाकर मजिस्ट्रेट से मुलाकात की। उन्हें बुजुर्ग मां की दुर्गति करने वाले बेटों को 'लानत शील्ड' देने की मांग की गई। इसके साथ ही मांग की गई है कि पंजाब सरकार इस मामले की जांच करवाकर अनदेखी करने वाले बेटों के खिलाफ कार्रवाई करे।


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