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प्रदेश में साहसिक पर्यटन को और अधिक सुरक्षित बनाया जाएगा

ManMahesh
21 Sep 2020 5:23 AM GMT
प्रदेश में साहसिक पर्यटन को और अधिक सुरक्षित बनाया जाएगा
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साहसिक गतिविधियों को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए विविध साहसिक गतिविधियों संबंधी नियम तैयार किए जा रहे हैं।

डलहौज़ी हलचल (शिमला) :- शिक्षा व भाषा एवं कला संस्कृति मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने आज यहां साहसिक गतिविधियों जैसे रिवर राफ्टिंग व पैराग्लाइडिंग तथा पर्यटन को और अधिक सुरक्षित बनाने की दृष्टि से पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश में इस प्रकार की गतिविधियों को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं।

गोविन्द सिंह ठाकुर ने कहा कि इन साहसिक गतिविधियों को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए विविध साहसिक गतिविधियों संबंधी नियम तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पैराग्लाइडिंग और ट्रैकिंग जैसी गतिविधियों के संचालन के लिए जीपीएस ट्रैकिंग जैसी प्रणाली का उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कठिन ट्रैकिंग रूटों पर जाने वाले पर्यटकों और गाइडों की सुरक्षा की दृष्टि से जीपीएस ट्रैकिंग बैंड के प्रयोग पर बल दिया जाना चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत व बचाव कार्य को आसानी से किया जा सके। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग द्वारा प्रदेश की साहसिक गतिविधियों से जुड़े लोगों के लिए विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों को संचालित करने के लिए कड़े सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग शीघ्र ही साहसिक गतिविधियों का संचालन करवाने के लिए आॅनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध करवाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पर्यटन, वन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के मध्य समन्वय स्थापित किया जाएगा।

बैठक में साहसिक पर्यटन से जुड़ी गतिविधियां पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग और ट्रैकिंग में जोखिमों को कम करने तथा इस क्षेत्र को और अधिक संगठित करने पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के निदेशक यूनुस व साहसिक खेलों से जुड़े विभिन्न संगठनों के प्रशिक्षकों ने हिस्सा लिया।

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